दशहरे पर कर्मचारियों ने फूंका एनपीएस-यूपीएस रूपी रावण-पुरानी पेंशन बहाली के लिए 2 नवंबर को देहरादून में गरजेगा कर्मचारी मोर्चा

 

कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। दशहरा पर्व के अवसर पर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा कीर्तिनगर की ओर से नई पेंशन योजना (एनपीएस) और एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से रावण दहन किया गया। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर एकजुटता प्रदर्शित की। कर्मचारियों ने सरकार से जीपीएफ युक्त पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाते हुए आगामी 2 नवंबर को देहरादून में प्रस्तावित सचिवालय घेराव एवं गर्जना रैली को सफल बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मोर्चा के गढ़वाल मंडल महासचिव राजीव उनियाल ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। इस मांग को लेकर जप-तप,लंबी पैदल यात्राएं,भूख हड़ताल तथा तहसील,जिला,मंडल और सचिवालय स्तर पर अनेक आंदोलन किए जा चुके हैं,लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों की मांग पर अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मांग की लगातार अनदेखी किए जाने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने सभी कार्मिकों से 2 नवंबर को देहरादून में आयोजित होने वाले सचिवालय घेराव कार्यक्रम में एकजुट होकर शामिल होने का आह्वान किया। टिहरी जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप मैठाणी ने कहा कि कर्मचारी लगातार पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं,लेकिन उनकी मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के हितों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि कर्मचारी अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती,तब तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। ब्लॉक अध्यक्ष कीर्तिनगर सुरजीत लिंगवाल ने कहा कि उत्तराखंड सरकार को कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली के संबंध में तत्काल सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की मांग की अनदेखी जारी रही,तो इसका प्रभाव वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने परिवारों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं। जो जनप्रतिनिधि सदन में कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा नहीं उठाते,उन्हें इस विषय पर अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने भी कार्मिकों से 2 नवंबर को देहरादून पहुंचकर आंदोलन को मजबूती देने की अपील की। वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवप्रयाग दीपक मियां ने कहा कि कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करेंगे और अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाते रहेंगे। वहीं जगमोहन पुंडीर ने स्पष्ट कहा कि कर्मचारियों की मांग जीपीएफ युक्त पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली है और इसके लिए आंदोलन जारी रखा जाएगा। राहुल कुमार ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को व्यापक जनआंदोलन का रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपने भविष्य की सामाजिक सुरक्षा के लिए संगठित होकर आवाज उठानी होगी। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी एक स्वर में पुरानी पेंशन बहाली की मांग का समर्थन किया तथा 2 नवंबर को देहरादून में प्रस्तावित गर्जना रैली में अधिक से अधिक कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। दशहरे पर एनपीएस और यूपीएस के विरोध में आयोजित इस प्रतीकात्मक रावण दहन कार्यक्रम के माध्यम से कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता का संदेश दिया। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग केवल वर्तमान कर्मचारियों का विषय नहीं,बल्कि उनके परिवारों की भविष्यगत आर्थिक सुरक्षा से भी जुड़ी है। इसी उद्देश्य से 2 नवंबर को देहरादून में प्रस्तावित सचिवालय घेराव एवं गर्जना रैली में कर्मचारियों से बड़ी संख्या में प्रतिभाग करने की अपील की गई। कार्यक्रम में राजीव उनियाल,संदीप मैठाणी,सुरजीत लिंगवाल,जगमोहन पुंडीर,राहुल कुमार,विनोद चौहान,सोहन कोहली,अमित नौडियाल,दीपक मियां सहित विभिन्न विभागों के अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।