पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पर्वतीय एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तरा केयर हॉस्पिटल पौड़ी ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। अस्पताल की ओर से अगस्त माह में चलाए गए विशेष ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान के तहत जिले के अलग-अलग गांवों में 6 निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में कुल 216 ग्रामीणों एवं जरूरतमंद लाभार्थियों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता और अस्पतालों तक पहुंचने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य लोगों को उनके गांव एवं नजदीकी क्षेत्र में ही प्राथमिक स्वास्थ्य जांच,चिकित्सकीय परामर्श तथा स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना रहा। शिविरों में ग्रामीणों को बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने और समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए भी जागरूक किया गया। उत्तरा केयर हॉस्पिटल की स्वास्थ्य टीम ने शिविरों में ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण किए। इनमें रक्तचाप,रक्त शर्करा,हीमोग्लोबिन,रक्त में ऑक्सीजन का स्तर,नाड़ी एवं हृदय गति,वजन तथा शरीर द्रव्यमान सूचकांक (बीएमआई) जैसी जांच शामिल रही। चिकित्सकों ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के आधार पर आवश्यक परामर्श दिया तथा जरूरत के अनुसार निःशुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया। गंभीर अथवा आगे की जांच की आवश्यकता वाले मामलों में लाभार्थियों को उचित चिकित्सकीय मार्गदर्शन देते हुए आगे उपचार कराने की सलाह दी गई। पर्वतीय क्षेत्रों में कई ग्रामीणों को सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में गांवों के आसपास ही स्वास्थ्य शिविर लगने से लोगों को काफी सुविधा मिल रही है। विशेष रूप से बुजुर्गों,महिलाओं और ऐसे ग्रामीणों के लिए यह पहल उपयोगी साबित हो रही है,जिनके लिए दूर स्थित स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचना आसान नहीं होता। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ग्रामीण स्वास्थ्य शिविर केवल जांच और दवा वितरण तक सीमित नहीं हैं,बल्कि इनके माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना,बीमारियों की प्राथमिक स्तर पर पहचान करना तथा जरूरत पड़ने पर समय से उचित चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना भी अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इस ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा अभियान को आगे बढ़ाने में आईएसएसए फाउंडेशन के संस्थापक आई.एस.नेगी के मार्गदर्शन एवं सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिविरों की व्यवस्थाओं और समन्वय में चिकित्सा अधीक्षक डॉ.जे.पी.चमोली एवं वरिष्ठ प्रबंधक कमल काला का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। स्वास्थ्य सेवाओं एवं चिकित्सकीय मार्गदर्शन में डॉ.मनोज गोयल की भूमिका रही,जबकि कैंप समन्वयक अमन ने स्थानीय स्तर पर समन्वय,ग्रामीणों तक शिविर की जानकारी पहुंचाने,शिविर स्थल की व्यवस्थाओं तथा स्वास्थ्य टीम के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अगस्त में 6 गांवों में 6 स्वास्थ्य शिविरों के सफल आयोजन के बाद अब अस्पताल प्रबंधन ने सितंबर माह में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और बढ़ाने की तैयारी की है। सितंबर में 12 निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने प्रस्तावित हैं। इन आगामी शिविरों में चलित चिकित्सा इकाई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। सामान्य स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श के साथ जरूरत के अनुसार दवा वितरण भी जारी रहेगा। हृदय रोगों की प्राथमिक जांच पर भी रहेगा विशेष जोर सितंबर में प्रस्तावित स्वास्थ्य शिविरों की एक महत्वपूर्ण विशेषता हृदय की विद्युत गतिविधि की जांच यानी ईसीजी की निःशुल्क सुविधा होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने नजदीक ही प्राथमिक हृदय जांच की सुविधा मिल सकेगी। जिन लाभार्थियों में हृदय संबंधी किसी समस्या के संकेत मिलेंगे,उन्हें चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार आगे की जांच एवं उपचार के लिए उचित सलाह और मार्गदर्शन दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान और चिकित्सकीय परामर्श की दिशा में महत्वपूर्ण मदद मिलने की उम्मीद है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा अभियान का लक्ष्य केवल मरीजों की जांच करना नहीं,बल्कि लोगों में नियमित स्वास्थ्य जांच की आदत विकसित करना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। ग्रामीणों को यह संदेश दिया जा रहा है कि लगातार बनी रहने वाली किसी भी स्वास्थ्य समस्या को सामान्य समझकर टालना उचित नहीं है। बीमारी के शुरुआती लक्षणों पर चिकित्सकीय सलाह लेने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान की जा सकती है। गांवों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भी उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने उत्तरा केयर हॉस्पिटल,आईएसएसए फाउंडेशन तथा पूरी स्वास्थ्य टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गांव के नजदीक विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श एवं जांच की सुविधा मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों तक पहुंचाने की ऐसी पहल निरंतर जारी रहनी चाहिए,ताकि आर्थिक अथवा भौगोलिक कारणों से कोई व्यक्ति आवश्यक स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय सलाह से वंचित न रहे। आंकड़ों में ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान-अगस्त 2026 में 6 गांवों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर,216 लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ,सितंबर 2026 में 12 निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर प्रस्तावित। चलित चिकित्सा इकाई से सेवाओं का विस्तार ईसीजी सहित प्राथमिक हृदय जांच की निःशुल्क सुविधा
आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श एवं दवा वितरण। उत्तरा केयर हॉस्पिटल प्रबंधन ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अगस्त में 6 गांवों तक पहुंचने के बाद सितंबर में 12 शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों के द्वार तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने की यह पहल पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।







