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मतदाता सूची बने शत-प्रतिशत त्रुटिरहित-लोकतंत्र की मजबूती में राजनीतिक दल निभाएं सक्रिय भूमिका–जिलाधिकारी

gvartanews by gvartanews
July 17, 2026
Reading Time: 1 min read
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मतदाता सूची बने शत-प्रतिशत त्रुटिरहित-लोकतंत्र की मजबूती में राजनीतिक दल निभाएं सक्रिय भूमिका–जिलाधिकारी


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची होती है। इसी उद्देश्य को लेकर जनपद पौड़ी गढ़वाल में विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 की प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर 14 जुलाई को प्रकाशित आलेख्य निर्वाचक नामावली की समीक्षा करते हुए दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया,मतदाताओं की सुविधा तथा पुनरीक्षण कार्य को प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता मतदाता सूची की शुद्धता पर निर्भर करती है। इसलिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का दायित्व है कि वे प्रकाशित आलेख्य निर्वाचक नामावली का गंभीरतापूर्वक परीक्षण करें तथा पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने,त्रुटियों के संशोधन और आवश्यक दावे एवं आपत्तियां निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से समयबद्ध रूप से प्रस्तुत कराने में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की मंशा प्रत्येक पात्र नागरिक को मताधिकार सुनिश्चित करने तथा अपात्र नामों को नियमानुसार हटाने की है। जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) को संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी का सहयोग उपलब्ध कराया गया है। इससे क्षेत्र स्तर पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा तथा मतदाताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप मतदाता सूची की प्रतियां सभी बीएलओ,मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों एवं सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही आलेख्य निर्वाचक नामावली जिला निर्वाचन कार्यालय,संबंधित निर्वाचन कार्यालयों,एईआरओ कार्यालयों,बीएलओ के पास तथा जनपद की वेबसाइट पर भी अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेगी,जिससे प्रत्येक मतदाता आसानी से अपने नाम का सत्यापन कर सके। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में नामित 71 सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) विभिन्न स्थानों पर बैठकर प्राप्त दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई करेंगे। उनकी सूची भी सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी,निष्पक्ष एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके। जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे,वे संबंधित एईआरओ के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम प्रकाशित निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं है अथवा किसी कारणवश हट गया है तो वह निर्धारित प्रारूप-6 एवं घोषणा पत्र (प्रपत्र-4) भरकर अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है। सभी दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण कर पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम निर्वाचक नामावली में शामिल किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि दस्तावेज केवल उन्हीं मतदाताओं से लिए जाएंगे जिनकी मैपिंग नहीं हुई है। जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे,वे उसी समय बीएलओ को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराकर जमा कर सकते हैं अथवा संबंधित एईआरओ के समक्ष उपस्थित होकर सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रख सकते हैं। यदि किसी मतदाता को इसके बाद भी कोई कठिनाई आती है तो वह जिला निर्वाचन कार्यालय अथवा तहसीलों में स्थापित हेल्प डेस्क से संपर्क कर आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सहभागी बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ राजनीतिक दलों से प्राप्त सुझावों एवं फीडबैक के आधार पर आवश्यक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी एफ.आर.चौहान ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 की विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि जिन मतदाताओं की पिछली एसआईआर में स्वयं अथवा प्रोजनी (वंशज) के रूप में सफलतापूर्वक मैपिंग हो चुकी है तथा जिनके डाटाबेस में कोई विसंगति नहीं है,उनसे किसी प्रकार का दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। यदि मैपिंग होने के बावजूद डाटाबेस में किसी प्रकार की विसंगति पाई जाती है तो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। वहीं जिन मतदाताओं की न तो स्वयं और न ही प्रोजनी के रूप में मैपिंग हुई है,उन्हें आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी शांति लाल शाह,खंड शिक्षाधिकारी मास्टर आदर्श,सहायक नोडल अधिकारी (राजनीतिक दल) राजेंद्र सिंह रावत सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह राणा,एस.एस.रावत,जगमोहन सिंह नेगी,हरीश उनियाल,जगमोहन रावत,गणेश थपलियाल,जगदम्बा नैनवाल,महादेव प्रसाद बहुगुणा सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में आयोजित इस बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना और निर्वाचन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रशासन,राजनीतिक दलों और आम नागरिकों के बीच समन्वय एवं सहभागिता को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

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