श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक,गौरवशाली एवं प्रेरणादायी अवसर पर केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) श्रीनगर द्वारा गोला मार्केट में एक भव्य अनुशासित एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत बैंड डिस्प्ले कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बना,बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण और एकता का सशक्त संदेश भी दे गया। यह गरिमामय कार्यक्रम उप-महानिरीक्षक सुभाष चन्द नेगी के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सशस्त्र सीमा बल के अधिकारीगण एवं जवानों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। साथ ही,बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों,युवाओं और बच्चों ने कार्यक्रम में सहभागिता कर राष्ट्रभक्ति की भावना को जीवंत कर दिया। देशभक्ति की धुनों से गूंज उठा गोला मार्केट एसएसबी बैंड द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रप्रेम से परिपूर्ण मधुर एवं ओजस्वी धुनों ने पूरे गोला मार्केट क्षेत्र को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। विशेष रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया और स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास की स्मृतियों को सजीव कर दिया। अनुशासन,समर्पण और सांस्कृतिक गरिमा का अद्भुत समन्वय कार्यक्रम के हर क्षण में परिलक्षित हुआ। वंदे मातरम् आज भी देता है एकता और अखंडता का संदेश इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह गीत केवल स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा नहीं रहा,बल्कि आज भी यह देशवासियों में एकता,अखंडता,आत्मगौरव और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को निरंतर सुदृढ़ करता है। कार्यक्रम के माध्यम से सशस्त्र सीमा बल ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि वह केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है,बल्कि राष्ट्रीय विरासत,संस्कृति और देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह बैंड डिस्प्ले कार्यक्रम विशेष रूप से युवाओं और बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध हुआ,जिससे उनमें राष्ट्रप्रेम और अनुशासन की भावना और अधिक प्रबल हुई। नागरिकों ने की सराहना कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित नागरिकों ने सशस्त्र सीमा बल के इस सराहनीय एवं प्रेरक प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा भविष्य में भी ऐसे राष्ट्रभक्ति से जुड़े कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की अपेक्षा व्यक्त की। निस्संदेह यह आयोजन श्रीनगर गढ़वाल के लिए एक स्मरणीय,गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी क्षण बन गया,जिसने वंदे मातरम् के संदेश को नई ऊर्जा और व्यापक जनसमर्थन प्रदान किया।







