पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनता की समस्याओं को समयबद्ध,पारदर्शी और प्रभावी ढंग से हल करने की दिशा में जिला प्रशासन पौड़ी ने नए वर्ष में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुशासन के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए वर्ष 2026 के लिए तहसील दिवसों का तहसीलवार रोस्टर जारी कर दिया गया है। इसके तहत जनपद की विभिन्न तहसीलों में प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को नियमित रूप से तहसील दिवस आयोजित किए जाएंगे। जारी रोस्टर के अनुसार तहसील दिवसों के दौरान आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा तथा मौके पर उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा शिकायतों के निस्तारण का प्रयास किया जाएगा। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं होगा,उन्हें समयबद्ध रूप से निस्तारित करने के निर्देश दिए जाएंगे। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने बताया कि तहसील दिवस प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। वर्ष 2026 के लिए निर्धारित इस रोस्टर से जनपद के प्रत्येक क्षेत्र के नागरिकों को अपने स्तर पर ही समस्याएं रखने का अवसर मिलेगा। प्रशासन की प्राथमिकता है कि जनसमस्याओं का समाधान संवेदनशीलता,पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आमजन से अपील की कि निर्धारित तिथियों पर अपनी संबंधित तहसील में पहुंचकर समस्याएं दर्ज कराएं,जिससे उनका त्वरित एवं प्रभावी समाधान किया जा सके। तहसील दिवसों का तहसीलवार कार्यक्रम रोस्टर के अनुसार जनवरी माह में 6 जनवरी को चाकीसैंण तथा 20 जनवरी को थलीसैंण,फरवरी में 3 फरवरी को श्रीनगर एवं 17 फरवरी को सतपुली,मार्च में 17 मार्च को यमकेश्वर में तहसील दिवस आयोजित होगा। अप्रैल माह में 7 अप्रैल को पौड़ी और 21 अप्रैल को कोटद्वार,मई में 5 मई को धुमाकोट तथा 19 मई को बीरोंखाल में तहसील दिवस प्रस्तावित हैं। इसी क्रम में जून में 2 जून को रिखणीखाल और 16 जून को जाखणीखाल,जुलाई में 7 जुलाई को चौबट्टाखाल तथा 21 जुलाई को लैंसडाउन,अगस्त में 4 अगस्त को श्रीनगर एवं 18 अगस्त को सतपुली में तहसील दिवस आयोजित किए जाएंगे। सितंबर माह में 1 सितंबर को चाकीसैंण तथा 15 सितंबर को पौड़ी,अक्टूबर में 6 अक्टूबर को यमकेश्वर,नवंबर में 3 नवंबर को थलीसैंण और 17 नवंबर को कोटद्वार,जबकि दिसंबर माह में 1 दिसंबर को बीरोंखाल तथा 15 दिसंबर को धुमाकोट में तहसील दिवस आयोजित किए जाएंगे। जिला प्रशासन का मानना है कि तहसील दिवसों के नियमित आयोजन से न केवल जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा,बल्कि प्रशासन के प्रति आमजन का विश्वास भी और मजबूत होगा।








