मसूरी में भगत सिंह के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती पर भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की ओर से मसूरी भगत सिंह चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान शहर के गणमान्य लोगों ने भगत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में ऋषिकेश, चंडीगढ़ और देहरादून से पहुंचे इप्टा के साथियों ने भी भागीदारी की। इसके बाद नीलम होटल में भगत सिंह के जीवन, विचारों और देश की आजादी के लिए उनके संघर्ष पर संगोष्ठी आयोजित की गई।संगोष्ठी में वक्ताओं ने भगत सिंह के क्रांतिकारी विचारों, सामाजिक समानता और देश के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी युवाओं को अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में श्रद्धांजलि के साथ उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर इप्टा की ममता राव कुमार ने कहा कि भगत सिंह केवल स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी नहीं, बल्कि विचारों और सामाजिक बदलाव के प्रतीक भी हैं। उनके जीवन और विचारों को याद करना तभी सार्थक होगा, जब युवा पीढ़ी उनके आदर्शों को समझे और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए आगे आए।पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने भी भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान और देशभक्ति को याद किया। उन्होंने कहा कि शहीदों के योगदान को स्मरण करना और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से जोड़ने का कार्य करते हैं।संगोष्ठी में अमित गुप्ता, देवी गोदियाल, धर्मानंद लाखेड़ा, पुरण जुयाल, प्रकाश राणा, सतीश धौलखंडी, देवी गोदियाल, सुरेश गोयल, गीता पाल, माधुरी तम्टा, मनोज तम्टा, विजय लक्ष्मी कोहली, हीना परवीन, इमराना मिर्जा और आरती सहित शहर के अनेक लोग उपस्थित रहे।