श्रीनगर गढ़वाल। पर्यावरण संरक्षण को जीवन संस्कार से जोड़ने की एक अनुकरणीय पहल जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड पाबों की पट्टी बाली कण्डारस्यूं अंतर्गत ग्राम सैजी में देखने को मिली। राहुल गैरोला एवं संतोषी देवी गैरोला की पुत्री रिन्ताशी के नानी के घर सैजी में प्रथम आगमन के अवसर पर कीर्तन-भजन के साथ घर के आंगन में कागजी नींबू का समलौण पौध रोपित कर इस पारिवारिक उत्सव को स्मरणीय बनाया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त संदेश भी दिया गया। परिवारजनों ने परंपरागत समलौण संस्कार के तहत पौधारोपण कर यह संदेश दिया कि जीवन के हर शुभ अवसर को प्रकृति के संरक्षण से जोड़ा जाना चाहिए। रोपे गए पौधे के संरक्षण एवं देखभाल की जिम्मेदारी नन्हीं रिन्ताशी की नानी देवेश्वरी देवी ने ली,जो भावी पीढ़ी के लिए हरित भविष्य का संकल्प भी है। कार्यक्रम का संचालन गांव की समलौण सेना की नायिका गीता देवी ने किया। उन्होंने कहा कि जब तक पेड़-पौधे रहेंगे,तभी जीवन संभव है। वृक्ष हमारे लिए प्राणवायु हैं और इनके संरक्षण से ही मानव जीवन सुरक्षित रह सकता है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि विवाह,जन्म,गृह प्रवेश और अन्य सभी संस्कारों के अवसर पर समलौण पौधारोपण को अनिवार्य परंपरा के रूप में अपनाया जाए। इस अवसर पर गांव की समलौण सेना की सदस्य बबली देवी भण्डारी,कान्ति देवी,सरोजिनी देवी,शकुंतला देवी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में परिवार की ओर से समलौण पौधारोपण जैसे पुण्य कार्य के लिए 200 रुपये की नगद राशि पुरस्कार स्वरूप भेंट कर इस पहल को प्रोत्साहित किया गया। यह आयोजन न केवल एक पारिवारिक खुशी का अवसर रहा,बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि संस्कारों के साथ प्रकृति का संरक्षण ही सच्चा उत्सव है।








