देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। संस्कृत शिक्षा एवं शास्त्रीय परम्पराओं के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में राज्यस्तरीय शास्त्रीयस्पर्धा-2026 का आयोजन 18 एवं 19 जनवरी 2026 को केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्रीरघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग उत्तराखंड में किया जाएगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन की तैयारियां प्रारम्भ हो चुकी हैं। श्रीरघुनाथ कीर्ति परिसर के निदेशक प्रो.पीवीबी सुब्रह्मण्यम के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाली इस शास्त्रीयस्पर्धा में अनेक विद्वान एवं शास्त्र जिज्ञासु छात्र एकत्रित होंगे। राज्यस्तरीय शास्त्रीयस्पर्धा के संयोजक डॉ.ब्रह्मानन्द मिश्रा ने बताया कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा प्रतिवर्ष शास्त्रोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। जिससे पूर्व देश के सभी राज्यों में राज्यस्तरीय शास्त्रीयस्पर्धा आयोजित होती हैं यहां प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को अखिल भारतीय स्तर पर प्रतिभाग करने हेतु विश्वविद्यालय मंच प्रदान करता है जहाँ छात्र अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करते हैं। स्पर्धा के सह-संयोजक डॉ.सुशील प्रसाद बडोनी हैं। आयोजक मंडल के अनुसार इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में शास्त्रीय अध्ययन,वैदिक चिन्तन एवं संस्कृत भाषा के प्रति रुचि को और अधिक सुदृढ़ किया जाता है। राज्यस्तरीय शास्त्रस्पर्धा-2026 में कुल 36 शास्त्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन सुनिश्चित है,जिनमें व्याकरण,साहित्य,ज्योतिष,वेद,न्याय,मीमांसा,दर्शन,कंठपाठ,आयुर्वेद,शास्त्रस्फूर्ति सहित विविध स्पर्धाएं सम्मिलित हैं। इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य के समस्त संस्कृत विश्वविद्यालयों,महाविद्यालयों एवं गुरुकुलों के छात्रों को प्रतिभाग हेतु आमंत्रित किया गया है। संयोजक का कहना है कि यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में आपसी संवाद,समन्वय एवं प्रेरणा का सशक्त माध्यम बनेगी। राज्यस्तर पर आयोजित यह शास्त्रस्पर्धा संस्कृत भाषा के संरक्षण,संवर्धन और नई पीढ़ी को शास्त्रीय परम्परा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। निदेशक प्रो.सुब्रह्मण्यम ने बताया कि स्पर्धा में बच्चों की प्रतिभा के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए विभिन्न संस्थानों से विशेषज्ञ आमन्त्रित किये गये हैं।








