श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में जन स्वास्थ्य अनुसंधान को नई दिशा देने के उद्देश्य से रिसर्च कनेक्ट: ए डिस्कोर्स एंड वर्कशॉप ऑन पब्लिक हेल्थ रिसर्च का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कॉलेज की मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट के तत्वावधान में आयोजित हुई,जिसका मुख्य उद्देश्य जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनुसंधान संस्कृति को मजबूत करना,सहयोगात्मक शोध को बढ़ावा देना और प्रभावशाली प्रकाशन हेतु शोध डेटा के वैज्ञानिक विश्लेषण पर संवाद स्थापित करना रहा। कार्यशाला के प्रभावशाली प्रकाशन विषयक विशेष सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मेम्फिस के डीन एवं अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ डॉ.आशीष जोशी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समय के साथ मेडिकल शिक्षा का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। आज चिकित्सा शिक्षा केवल डॉक्टर बनने तक सीमित नहीं रह गई है,बल्कि रिसर्च और प्रैक्टिस के माध्यम से करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का सशक्त माध्यम बन चुकी है। डॉ.जोशी ने कहा कि मेडिकल,नर्सिंग और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में रिसर्च अब शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे स्वास्थ्य को केवल इलाज तक सीमित न रखें,बल्कि समाज,नीति,व्यवहार और सार्वजनिक स्वास्थ्य के व्यापक परिप्रेक्ष्य में सोच विकसित करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल यह कहना कि मैं लोगों की मदद करना चाहता हूं पर्याप्त नहीं है,बल्कि समाज के लिए कार्य करने की सोच स्कूल स्तर से ही विकसित होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों को देश या विदेश में अर्जित ज्ञान और अनुभव को उसी समाज के विकास में लौटाना चाहिए,जिसने उन्हें यह अवसर प्रदान किया है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों की भूमिका को रेखांकित करते हुए डॉ.जोशी ने कहा कि सही दिशा,इच्छाशक्ति और शोध के प्रति प्रतिबद्धता के साथ ये संस्थान बड़े सामाजिक बदलाव का माध्यम बन सकते हैं। अपने अनुभव साझा करते हुए डॉ.जोशी ने बताया कि एक मेडिकल छात्र के रूप में उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे अमेरिका के इतिहास में स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के पहले भारतीय-अमेरिकी डीन बनेंगे। उनका पहला लक्ष्य पब्लिक हेल्थ शिक्षा को स्कूल स्तर तक पहुंचाना रहा। उनकी पहल से आज 12 वीं कक्षा के छात्र हाई स्कूल स्तर पर ही विश्वविद्यालय से पब्लिक हेल्थ का अंडरग्रेजुएट सर्टिफिकेट प्राप्त कर पा रहे हैं,जो वैश्विक स्तर पर एक अनूठा उदाहरण है। डॉ.जोशी ने एक मजबूत रिसर्च हब स्थापित करने पर बल देते हुए कहा कि छात्र और फैकल्टी मिलकर कार्य करें और पब्लिक हेल्थ रिसर्च को करियर के रूप में देखें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि गूगल पर उपलब्ध जानकारी को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं है। किसी भी समस्या के समाधान के लिए मौजूदा शोध,प्रमाण और वैज्ञानिक साहित्य की गहन समझ आवश्यक है। रिसर्च की सोच बचपन से विकसित की जा सकती है,इसका उदाहरण उन्होंने पांचवीं कक्षा के एक छात्र द्वारा धूम्रपान पर आधारित मराठी पॉडकास्ट शुरू करने के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने डॉ.आशीष जोशी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से ही इस संस्थान में रिसर्च यूनिट की शुरुआत संभव हो सकी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से इस यूनिट की नींव रखी गई थी और आज इसे औपचारिक रूप से प्रारंभ किया जा रहा है। डॉ.सयाना ने कहा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर का भौगोलिक महत्व अत्यंत विशिष्ट है,क्योंकि यह चमोली,रुद्रप्रयाग,पौड़ी,टिहरी गढ़वाल और बागेश्वर सहित पांच से अधिक जिलों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। रिसर्च का मूल उद्देश्य इसी क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाना है। यह पहल एमबीबीएस छात्रों और चिकित्सकों के लिए शोध आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गैर-संचारी रोग,मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा आपदाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर शोध के लिए यह मंच विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा। कार्यशाला में पैनलिस्ट के रूप में डॉ.अनोजा सुंदर,डॉ.अनिल द्विवेदी,डॉ.किंग्शुक लाहोन,डॉ.सी.एम.शर्मा,डॉ.उपमा शर्मा,डॉ.कैलाश गैरोला,डॉ.विक्की बख्शी,डॉ.दीपा हटवाल,डॉ.दीपक द्विवेदी, डॉ.जानकी बर्त्वाल,डॉ.हरप्रीत सिंह एवं डॉ.निधि नौटियाल उपस्थित रहे। विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों ने मेडिकल शिक्षा और जन स्वास्थ्य में रिसर्च की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने इंटर-डिसिप्लिनरी रिसर्च को बढ़ावा देने,छात्रों को प्रारंभिक स्तर से शोध से जोड़ने,स्थानीय स्वास्थ्य समस्याओं पर आधारित अनुसंधान को प्राथमिकता देने तथा नीति निर्माण से जुड़े शोध को मजबूत करने पर विशेष बल दिया। कार्यशाला का सफल संचालन डॉ.दीपक द्विवेदी एवं डॉ.विक्की बख्शी द्वारा किया गया।








