सीबीएसई राष्ट्रीय फेंसिंग चैंपियनशिप के दूसरे दिन खिलाड़ियों ने दिखाया शानदार दमखम, पदक जीतकर बढ़ाया गौरवरुद्रपुर में राष्ट्रीय स्तर की फेंसिंग प्रतियोगिता में देशभर के युवा खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शनरुद्रपुर, 27 सितंबर 2026।दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), रुद्रपुर में आयोजित सीबीएसई राष्ट्रीय फेंसिंग चैंपियनशिप–2026 के दूसरे दिन विभिन्न आयु वर्गों में रोमांचक मुकाबले हुए। देशभर से आए युवा फेंसरों ने अपनी तकनीक, गति, सटीकता और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में अंडर-14, अंडर-17 एवं अंडर-19 बालक एवं बालिका वर्ग में फॉयल, एपी और सेबर स्पर्धाओं के मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं।दूसरे दिन प्रतियोगिता स्थल पर खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। प्रत्येक मुकाबले में खिलाड़ियों ने बेहतरीन फुटवर्क, तेज रिफ्लेक्स और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन करते हुए पदकों के लिए जोरदार संघर्ष किया। खिलाड़ियों के उत्साह और शानदार प्रदर्शन से पूरा परिसर खेल भावना से सराबोर रहा।दूसरे दिन के प्रमुख पदक परिणामकैडेट महिला सेबर वर्ग: नव्या शर्मा — डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, पटियाला, पंजाब — स्वर्ण पदक; कांटा थारुणिका — विबग्योर हाई, एचएसआर लेआउट, बेंगलुरु — रजत पदक; गीतिका चौहान — संस्कृति मॉडर्न स्कूल तथा नंदिनी जैन — शिव नादर स्कूल, सेक्टर-168, नोएडा — कांस्य पदक।कैडेट पुरुष सेबर वर्ग: वंश वंश — आर्मी पब्लिक स्कूल नंबर-2, बीईजी रुड़की, हरिद्वार — स्वर्ण पदक; रैयान रैयान — गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल, करनाल, हरियाणा — रजत पदक; किशोरजीत सिंह थोंगाम — नॉर्थ प्वाइंट हायर सेकेंडरी स्कूल, मणिपुर तथा नैन ध्रुव — आर्मी पब्लिक स्कूल नंबर-2, बीईजी रुड़की, हरिद्वार — कांस्य पदक।जूनियर महिला फॉयल वर्ग: मन्नत कौर — डीपीएस रुद्रपुर — स्वर्ण पदक; श्विति कुमार — डीपीएस रुद्रपुर — रजत पदक; फातिमा खान रिदा — एम्पायरियन स्कूल, मुंबई, रायगढ़ तथा शानवी वर्मा — एलेनहाउस पब्लिक स्कूल, वसुंधरा, गाजियाबाद — कांस्य पदक।दूसरे दिन के आयोजन में श्री पंकज शुक्ला, PCS, मुख्य कोषाधिकारी (Chief Treasury Officer–CTO), ऊधम सिंह नगर, श्री दुर्गा महापात्र, प्लांट हेड, GS Pharma, श्री संजीव सुमन, प्रोफेसर, College of Technology, जी. बी. पंत विश्वविद्यालय तथा श्री अंकित बंसल, रुद्रपुर सॉल्वेंट विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।विशिष्ट अतिथियों ने प्रतियोगिता के विभिन्न मुकाबलों का अवलोकन किया और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजन युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को मजबूत करते हैं।अतिथियों ने डीपीएस रुद्रपुर द्वारा इतने बड़े स्तर की राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों के साथ अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं।डीपीएस रुद्रपुर में आयोजित यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 26 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। प्रतियोगिता में देशभर के विद्यालयों से आए 1,500 से अधिक खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक तथा 350 से अधिक तकनीकी अधिकारी, रेफरी, निर्णायक एवं आयोजन अधिकारी सहभागिता कर रहे हैं।प्रतियोगिता के आगामी दिनों में विभिन्न आयु वर्गों और स्पर्धाओं के मुकाबले जारी रहेंगे। खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और लगातार बढ़ते रोमांच के बीच सीबीएसई राष्ट्रीय फेंसिंग चैंपियनशिप–2026 का समापन 2 अक्टूबर 2026 को होगा।

हाईवे पर खोदे गए गड्ढे बन रहे हादसों का सबब, दो दिन में छह लोग घायल

ग्राम बागवाला हाईवे के पास साइन बोर्ड लगाने के लिए खोदे गए गड्ढों और सड़क पर…

धान के दाम में ₹72 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी किसानों के लिए नाकाफी : डॉ. गणेश उपाध्यायकृषि लागत बढ़ने के बीच सरकार की घोषणा पर उठाए सवाल, बोले—“किसानों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा”खरीफ खरीद सत्र 2026-27 के लिए उत्तराखंड सरकार ने सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,441 तथा ग्रेड-ए धान का ₹2,461 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले ₹72 प्रति क्विंटल अधिक है। खाद्य मंत्री रेखा आर्य ने धान खरीद के लिए 7 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य भी घोषित किया है ,इस पर उत्तराखंड कांग्रेस के महामंत्री एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. गणेश उपाध्याय ने सरकार पर किसानों की वास्तविक लागत और आय के बीच आधे से कम ,बढ़ते अंतर को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।डॉ. उपाध्याय ने कहा कि बे मौसम की बारिश ,जंगली व पालतू जानवरों के आतंक से फसलों को बचाने के बाद जब किसान फसल बेचने जाता है उसके बाद सरकार किसानों के प्रति बहुत बड़ा मजाक मजाक के तौर पर फसलों के मूल्य का निर्धारण करती है। “सरकार ₹72 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है, लेकिन किसान के खेत तक पहुंचकर वास्तविकता देखी जाए तो तस्वीर बिल्कुल अलग दिखाई देती है। डीजल-पेट्रोल, बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई, मजदूरी और खेती से जुड़ी अन्य लागतों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ₹72 की बढ़ोतरी किसानों की बढ़ती लागत की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है।”उन्होंने कहा कि भाजपा की धामी सरकार लगातार स्वयं को किसान हितैषी सरकार बताती है, लेकिन किसानों की आय और खेती की वास्तविक लागत के बीच के अंतर पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।डॉ. उपाध्याय ने कहा—“किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य मिले, यह केवल घोषणा का विषय नहीं बल्कि उसकी मेहनत और आजीविका का सवाल है। जिस तेजी से खेती की लागत बढ़ रही है, उसके मुकाबले ₹72 प्रति क्विंटल की वृद्धि वास्तव में ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ जैसी प्रतीत होती है।”उन्होंने सरकार से मांग की कि धान के समर्थन ₹ ₹3000 प्रति कुंतल करना चाहिए,। आज मूल्य के साथ-साथ किसानों की वास्तविक उत्पादन लागत का व्यापक आकलन किया जाए और ऐसी मूल्य नीति बनाई जाए जिससे किसान को उसकी मेहनत, जमीन, पानी, बीज, खाद, डीजल और मजदूरी का उचित प्रतिफल मिल सके।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को केवल धान खरीद का लक्ष्य घोषित करने के बजाय क्रय केंद्रों पर किसानों को समय पर भुगतान, पारदर्शी तौल, पर्याप्त सुविधाएं और बिना परेशानी के खरीद सुनिश्चित करनी चाहिए। राज्य सरकार ने इस खरीफ सत्र में धान की खरीद 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक कराने की जानकारी दी है।

गढ़वाल विश्वविद्यालय में विश्व फार्मासिस्ट्स दिवस की धूम-नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने का आह्वान

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग में विश्व फार्मासिस्ट्स दिवस-2026…

गोल्ड पर सनाया का सटीक निशाना-श्रीनगर की बेटी ने राष्ट्रीय तीरंदाजी में फिर रचा स्वर्णिम इतिहास

श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ की बेटियां अगर ठान लें तो ऊंची से ऊंची मंजिल भी उनके लिए…

हरिद्वार में गणेश जी को कराया स्नान, नहीं किया विसर्जन देवभूमि उत्तराखंड गणेश जी का घर…

अनंत चतुर्दशी पर भव्य शोभायात्रा, उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना देहरादून। पर्वाधिराज पर्युषण दशलक्षण महापर्व के…

मसूरी में अंत्योदय के विचारों को याद कर दीनदयाल जयंती पर श्रद्धासुमनअंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का लिया संकल्प में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर शुक्रवार को मसूरी स्थित पंडित दीनदयाल पार्क में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को याद करते हुए श्पंडित दीनदयाल उपाध्याय अमर रहें के नारे लगाए। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और अंत्योदय का विचार सामने रखा। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद और वंचित वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना ही उनके विचारों को वास्तविक रूप से आगे बढ़ाना है। पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद की अवधारणा को आगे बढ़ाया और उनका जीवन सादगी, राष्ट्रसेवा तथा समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उनके विचारों और जीवन से परिचित कराना जरूरी है।पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। भारत सरकार के आधिकारिक विवरणों में उन्हें अर्थशास्त्री, शिक्षाविद, लेखक और पत्रकार के रूप में वर्णित किया गया है तथा एकात्म मानववाद और अंत्योदय को उनके प्रमुख विचारों में शामिल किया गया है। इस अवसर पर मसूरी भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, कुषाल राणा, अनिता धनाई, अमित भट्ट, अनिल गोयल, रणबीर कंडारी, सुनील रतूडी, विजय विंदवाल, सहित कई लोग मौजूद थे।

मसूरी में वंदे मातरम के 150 गौरवशाली वर्ष पर गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वरमसूरी, में वंदे मातरम के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को महात्मा योगेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मसूरी में सामूहिक वंदे मातरम गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं और अतिथियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन कर मातृभूमि के प्रति सम्मान और राष्ट्रभावना का संदेश दिया। कार्यक्रम का आयोजन विद्या भारती उत्तराखंड के तत्वावधान में किया गया।कार्यक्रम में रिटायर्ड कर्नल अनिल कुमार, निधि बहुगुणा और मनोज रायल ने वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रचेतना से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है। वंदे मातरम ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में लोगों में देशप्रेम और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।वक्ताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी और यह उनके प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत देशवासियों के बीच राष्ट्रभावना का प्रमुख स्वर बना। वर्ष 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में रवींद्रनाथ ठाकुर ने इसका गायन किया था। इसके बाद वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न चरणों में जनजागरण का महत्वपूर्ण माध्यम बना।रिटायर्ड कर्नल अनिल कुमार ने कहा कि सैनिकों के लिए मातृभूमि सर्वाेच्च होती है और वंदे मातरम शब्दों में इसी भावना की अनुभूति होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की एकता, अखंडता और संस्कृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।निधि बहुगुणा ने कहा कि नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रतीकों की जानकारी होना जरूरी है। वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ विद्यार्थियों को राष्ट्र और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर है। मनोज रायल ने कहा कि विद्यालयों में इस तरह के आयोजन बच्चों में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम की भावना केवल कार्यक्रम तक सीमित न रहकर दैनिक जीवन में भी दिखाई देनी चाहिए।

मसूरी में खेलों का जोश, मार्चपास्ट के साथ 24वीं क्षेत्रीय एथलेटिक्स रैली शुरूसात विद्यालयों के खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, पहले दिन दौड़ से लेकर गोला, चक्का और भाला फेंक में हुआ मुकाबला  सर्वे मैदान में शुक्रवार को खिलाड़ियों के जोश और स्कूल बैंड की धुनों के बीच 24वीं नगर क्षेत्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। निर्मला इंटर कॉलेज के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में मसूरी के सात विद्यालयों के खिलाड़ियों ने मार्चपास्ट के साथ प्रतियोगिता में कदम रखा। दो दिवसीय आयोजन में छात्र विभिन्न आयु वर्गों की दौड़, लंबी कूद, गोला फेंक, चक्का फेंक और भाला फेंक जैसी स्पर्धाओं में अपना दमखम दिखा रहे हैं। प्रतियोगिता का शुभारंभ पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने स्कूल बैंड की धुनों के बीच मार्चपास्ट की सलामी लेने और ध्वजारोहण के साथ किया। संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वस्ति वाचन एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद खिलाड़ियों को खेल भावना और अनुशासन की शपथ दिलाई गई। गत चौंपियन ने मशाल लेकर मैदान का चक्कर लगाया, जिसके बाद मशाल प्रज्वलित कर प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत की गई। निर्मला इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ब्रदर अल्फोंस तिर्की ने विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे प्रधानाचार्यों, खिलाड़ियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि जोत सिंह गुनसोला ने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। हर वर्ष मसूरी के विद्यालयों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है, जो सराहनीय है।प्रतियोगिता के पहले दिन सब-जूनियर बालक वर्ग की 1500 मीटर दौड़ में आरएन भार्गव के राकेश ने पहला और निर्मला इंटर कॉलेज के अनुज मेलवाल ने दूसरा स्थान हासिल किया। गोला फेंक में निर्मला के अमित सिंह पहले और आरएन भार्गव के कल्याण सिंह दूसरे स्थान पर रहे। चक्का फेंक में अमित सिंह ने पहला और सेंट लॉरेंस स्कूल के दिनेश कुमार ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। लंबी कूद में निर्मला के शमशेर अली खान प्रथम और घनानंद के दिनेश कुमार द्वितीय रहे। जूनियर बालक वर्ग की 1500 मीटर दौड़ में सेंट क्लेयर्स स्कूल के सूरज थापा प्रथम और निर्मला के अनुज मेलवाल द्वितीय रहे। 3000 मीटर में सेंट लॉरेंस के शुभम राज ने पहला और निर्मला के अनुज मेलवाल ने दूसरा स्थान पाया। चक्का फेंक में घनानंद के नितिन प्रथम और निर्मला के अर्पित द्वितीय रहे। गोला फेंक में अर्पित ने पहला और नितिन ने दूसरा स्थान हासिल किया। भाला फेंक में अर्पित प्रथम और सेंट लॉरेंस के कार्तिक द्वितीय रहे। सीनियर बालक वर्ग के चक्का फेंक में निर्मला के आर्यन सिंह ने पहला और घनानंद के सूर्यांश ने दूसरा स्थान हासिल किया। गोला फेंक में दिव्यांश नेगी प्रथम और निर्मला के आर्यन द्वितीय रहे। कार्यक्रम का संचालन कंचन रावत और मनीषा धनाई ने किया। इस अवसर पर आरएन भार्गव के प्रधानाचार्य विजय भट्ट, सेंट लॉरेंस की प्रधानाचार्या फातिमा अल्बर्ट, संस्कृत विद्यालय की प्रधानाचार्या मीनाक्षी चौहान, पूर्व आइजी मनोरंजन त्रिपाठी, कामोद शर्मा समेत बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं और अतिथि मौजूद रहे।