चंपावत जिले में धूमधाम से मनाया जा रहा है लोक पर्व उतरायण
उत्तराखंड के लोक पर्व उतरायणी (घुघुतिया) त्यौहार को आज चंपावत जिले में काफी धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। आज बुधवार सुबह से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में लोहाघाट के पंचेश्वर व रामेश्वर धाम पहुंचे हैं। क्षेत्र के पंडित मदन कलोनी व शास्त्री श्याम दत्त मुरारी ने कहा उत्तराखंड में उत्तरायणी पर्व का अपना विशेष महत्व है जिसे घुघुतिया त्यौहार के नाम से भी जाना जाता है कहां आज सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तो काफी शुभ माना जाता है।कहा उत्तरायणी पर्व पर सुबह से ही पंचेश्वर व रामेश्वर धाम में श्रद्धालुओं का ताता लगा हुआ है। पंडित कलोनी व मुरारी ने बताया श्रद्धालुओं ने पंचेश्वर मे महाकाली व सरयू नदी के पवित्र संगम तथा रामेश्वर में सरयू और रामगंगा नदी के पवित्र संगम में स्नान कर पंचेश्वर महादेव व रामेश्वर महादेव की पूजा अर्चना की। उन्होंने बताया आज बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों का यज्ञोपवीत संस्कार कराने भी पहुंचे हैं बताया आज स्नान का विशेष महत्व रहता है। पंडित कलोनी ने बताया पंचेश्वर में चंपावत जिले के साथ-साथ पिथौरागढ़ व नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आज पवित्र स्नान के लिए आए हुए हैं ।तथा पंचेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद क्षेत्र व परिवार की सुख शांति के लिए श्रद्धालुओं के द्वारा ब्राह्मणों के द्वारा पाठ पढ़वाया जा रहा है। पंचेश्वर में आज उतरायणी पर्व पर विशाल मेले का आयोजन किया गया है। जिसमें दूर-दूर क्षेत्र से आए व्यापारियों के द्वारा अपनी दुकानें सजाई गई है।श्रद्धालुओं के द्वारा पूजा अर्चना के बाद मेले का आनंद लिया जा रहा है। उत्तरायणी पर्व जिसे पहाड़ी क्षेत्र में घुघुतिया त्यौहार भी कहा जाता है।सुबह से ही बच्चे गले में घुघुतो की माला डालकर ,काले काले घुघुता खाले,कहकर कौवो को बुलाकर घुघुते व पूरी खिला रहे हैं। घुघुतिया त्यौहार पर उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हर घर में आज विशेष तौर पर पर्वतीय व्यंजन बनाए जाते है। वहीं जिले के दूरस्थ बयानधूरा बाबा मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हुए है। उतरायणी को लेकर पूरे जिले में काफी उत्साह है।








