देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ समाज के भविष्य को संवारने की एक प्रेरक मिसाल सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में देखने को मिली है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से निकालकर अनुशासन,फिटनेस और राष्ट्रसेवा के पथ पर अग्रसर करने के उद्देश्य से उत्तर फ्रंटियर आईटीबीपी द्वारा ओजस अभियान के अंतर्गत शुरू किए गए निश्शुल्क भर्ती कोचिंग डे कैंप ने व्यापक जनसमर्थन और प्रशंसा अर्जित की है। इसी सराहनीय पहल के लिए शुक्रवार को पिथौरागढ़ की जनता ने आईटीबीपी के आईजी संजय सिंह गुंज्याल का भव्य नागरिक अभिनंदन किया। राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय में आयोजित इस सम्मान समारोह का आयोजन सामाजिक संस्था सोसायटी फॉर एक्शन इन हिमालय,पिथौरागढ़ द्वारा किया गया। सीमांत क्षेत्र पिथौरागढ़ से लगभग 500 किलोमीटर की दूरी तय कर बड़ी संख्या में नागरिक देहरादून पहुंचे और अपने जननायक समान अधिकारी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर आईजी गुंज्याल को मुनस्यारी की पारंपरिक अंगोरा शाल ओढ़ाकर तथा प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का माहौल भावनात्मक,प्रेरणादायक और राष्ट्रसेवा की भावना से ओतप्रोत रहा। अपने संबोधन में आईजी संजय सिंह गुंज्याल ने कहा कि भर्ती कोचिंग डे कैंप केवल प्रशिक्षण नहीं,बल्कि युवाओं के जीवन को सही दिशा देने का अभियान है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीमांत क्षेत्रों के युवाओं में अपार प्रतिभा है,जरूरत है तो केवल उचित मार्गदर्शन और अवसर की। उन्होंने कहा यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा। आईटीबीपी सीमांत क्षेत्रों में समुदाय के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें शारीरिक रूप से सक्षम,मानसिक रूप से मजबूत और करियर के प्रति सजग बनाना है। संस्था के अध्यक्ष जगत मर्तोलिया ने बताया कि इस अभिनव पहल का प्रथम चरण मुनस्यारी में सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है,जहां युवाओं ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने जानकारी दी कि आगामी चरणों में यह कैंप धारचूला,नाचनी,डीडीहाट और पिथौरागढ़ में आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि फिजिकल और थ्योरीटिकल प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है। उन्हें न केवल भर्ती परीक्षाओं की तैयारी का मार्ग मिल रहा है,बल्कि जीवन में अनुशासन,लक्ष्य और सकारात्मक सोच भी विकसित हो रही है। मर्तोलिया ने यह भी कहा कि आईजी संजय गुंज्याल के मार्गदर्शन और सहयोग के बिना यह अभियान संभव नहीं हो पाता। उनका नेतृत्व युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है और सीमांत क्षेत्र में एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की नींव रख रहा है। कार्यक्रम में तारा चंद,प्रकाश सिंह धामी,गोविंद सिंह धामी सहित अनेक गणमान्य नागरिक,सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस पहल को नशामुक्त,सशक्त और आत्मनिर्भर युवा भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। यह अभिनंदन केवल एक अधिकारी का सम्मान नहीं,बल्कि उस सोच का सम्मान था जो वर्दी की शक्ति को समाज निर्माण और युवा उत्थान से जोड़ती है।








