मसूरी में रोपवे की सुरक्षा का जायजा और विभागों के आपसी सामंजस्य को परखने के लिये आयोजित की गई थी मॉक ड्रिल
रिपोर्टर सुनील सोनकर
मसूरी झूलाघर रोपवे में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में रोपवे में फंसे पांच पर्यटकों को बचाने का अभ्यास किया गया, जिसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भाग लिया, । मॉक ड्रिल में रोपवे के तार टूटने की स्थिति का प्रदर्शन किया गया, जिसके कारण कुछ पर्यटक फंसे रह गए थे। अधिकारियों ने बताया कि बचाव कार्य के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी हैं.
मॉक ड्रिल का आयोजन मसूरी रोपवे पर किया गया, जहां केबल कार का तार टूट गया और पांच पर्यटक फंस गए. यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार किया गया, जिसमें सभी रोपवे परियोजनाओं के लिए अर्द्धवार्षिक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाना है. मॉक ड्रिल के दौरान, स्थानीय प्रशासन ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर सर्विस स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ मिलकर फंसे पर्यटकों को बचाने का अभ्यास किया. बुधवार को शासन के निर्देश पर झूलाघर स्थित मसूरी रोपवे में रेस्क्यू अभियान का ट्रायल किया गया. करीब सुबह दस बजे से शुरू हुआ ट्रायल एक घंटे तक चला. इस दौरान रोपवे में फंसे लोगों को रस्सी के सहारे पहाड़ी पर उतारा गया. भट्टा गांव रोपवे की मॉक ड्रिल को असली घटना समक्ष लोगों में दहशत पैदा हो गई. लेकिन कुछ समय बाद मॉक ड्रिल की जानकारी मिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
एनडीआरएफ डिप्टी कामडेंट रोहिताष षर्मा ने बताया कि जनपद देहरादून के मसूरी में रोपवे पर ट्रॉली फंसने की घटना का मॉक ड्रिल किया गया। विगत वर्ष झारखण्ड राज्य के देवघर में त्रिकूट पहाड़ रोपवे हादसा अत्यंत दुखद था। उन्होंने बताया कि उक्त दुर्घटना के उपरान्त प्रदेश में इस प्रकार की घटनाओं के न्यूनीकरण हेतु समय समय पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाती रही है, जिसमें बल द्वारा प्रतिभाग कर अपनी कार्यदक्षता एवम कुशलता को निरन्तर बढ़ाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल में एसडीआरएफ द्वारा अन्य बचाव इकाइयों एनडीआरएफ, सिविल पुलिस, फायर सर्विस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग इत्यादि के साथ समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्य का अभ्यास किया गया।
उन्होने बताया कि एनडीआरएफ ओर एसडीआरएफ की टीम के जवानों द्वारा रोप रेस्क्यू की विभिन्न तकनीकों का प्रयोग करते हुए रोपवे पर बीच में अटकी ट्रॉली तक पहुंचे और ट्रॉली में सवार चार लोगों को एक-एक कर वहां से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य इस प्रकार की घटना में प्रतिवादन एवं पूर्व तैयारी करना था, जिससे ऐसी घटनाओं में कम से कम समय में त्वरित प्रतिवादन कर जान-माल की हानि का न्यूनीकरण किया जा सके साथ ही अन्य बचाव इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए रेस्क्यू कार्य में निपुणता एवं कुशलतापूर्वक कार्य किया जा सके। यह अभ्यास सुरक्षा व्यवस्था और विभागों की तैयारियों का पता लगाने के लिए किया गया है. स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रोपवे में कोई तकनीकी खराबी नहीं है और रेस्क्यू टीम पूरी तरह से तैयार है।
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