पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व का असर अब योजनाओं से निकलकर जमीन पर साफ नजर आने लगा है। सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां न केवल युवाओं को रोजगार से जोड़ रही हैं,बल्कि उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से सम्मानजनक जीवन की राह भी दिखा रही हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना इसी सोच का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है,जिसके जरिए प्रदेश के अनेक नागरिक अपने सपनों को साकार कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इसी क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड दुगड्डा अंतर्गत पदमपुर निवासी 46 वर्षीय अयान मंसूरी ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लाभ उठाकर सफलता की एक प्रेरणादायी मिसाल कायम की है। मात्र आठवीं कक्षा तक शिक्षित अयान मंसूरी लंबे समय तक मजदूरी कर अपने सात सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण करते थे। सीमित आय और अस्थिर रोजगार के बावजूद उनके मन में अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने की दृढ़ इच्छा हमेशा बनी रही। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की जानकारी मिलने के बाद अयान मंसूरी ने इसे अपने जीवन को नई दिशा देने का अवसर बनाया। उन्होंने रजाई एवं गद्दा निर्माण को व्यवसाय के रूप में चुना। इस दौरान जिला उद्योग केन्द्र द्वारा उन्हें आवेदन प्रक्रिया,दस्तावेजों के संकलन और व्यवसाय से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताओं में निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया गया वर्ष 2024-25 में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कोटद्वार के माध्यम से अयान मंसूरी को 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ,जिसके पश्चात उन्होंने अपना व्यवसाय विधिवत प्रारम्भ किया। आज उनका यह उद्यम न केवल सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है,बल्कि इसके माध्यम से तीन अन्य स्थानीय लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है,जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। वर्तमान में अयान मंसूरी के व्यवसाय का मासिक टर्नओवर लगभग 3 लाख रुपये है तथा वे प्रतिमाह 25 हजार से 30 हजार रुपये तक का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग से सीमित संसाधनों वाला व्यक्ति भी आत्मनिर्भर बन सकता है। अयान मंसूरी का कहना है कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। आज वे न केवल अपने परिवार का सम्मानपूर्वक भरण-पोषण कर पा रहे हैं,बल्कि समाज में आत्मविश्वास के साथ खड़े हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिला उद्योग केन्द्र का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यह योजना न होती,तो उनका यह सपना शायद साकार न हो पाता। इस संबंध में जिला उद्योग केन्द्र की प्रबंधक उपासना सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि अयान मंसूरी जैसे लाभार्थियों की सफलता इस योजना की प्रभावशीलता और पारदर्शिता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। जिला उद्योग केन्द्र द्वारा आवेदन से लेकर ऋण स्वीकृति और व्यवसाय प्रारम्भ होने तक निरंतर सहयोग किया जाता है,ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना से लाभान्वित हो सकें। अयान मंसूरी की यह सफलता कहानी न केवल सरकार की स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता केंद्रित नीतियों की सार्थकता को दर्शाती है,बल्कि प्रदेश के अन्य युवाओं और आम नागरिकों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनकर सामने आई है।








