उत्तराखण्ड

एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र में सिविल सेवा की तैयारी को मिली नई दिशा

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय स्थित डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र में समाज कल्याण विभाग,उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित निःशुल्क सिविल...

राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में रिसर्च कनेक्ट कार्यशाला

श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में जन स्वास्थ्य अनुसंधान को नई दिशा देने के उद्देश्य से रिसर्च कनेक्ट: ए...

कर्म में समर्पण ही सच्ची भक्ति है-मां दक्षिण काली के प्रधान सेवक डॉ.अखिलेश चन्द्र चमोला ने बताया ईश्वर प्राप्ति का सहज मार्ग

श्रीनगर गढ़वाल। मां दक्षिण काली के प्रधान सेवक एवं सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक डॉ.अखिलेश चन्द्र चमोला ने अपने प्रवचन ग्रन्थावली में...

श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर देवप्रयाग में होगी राज्यस्तरीय शास्त्रीय स्पर्धा

देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। संस्कृत शिक्षा एवं शास्त्रीय परम्पराओं के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में राज्यस्तरीय शास्त्रीयस्पर्धा-2026...

अंकिता भंडारी को न्याय की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई से जांच की संस्तुति दी

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। स्वर्गीय अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की लड़ाई को नई और निर्णायक दिशा देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह...

रांसी स्टेडियम में विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी का समापन,विजेताओं को मिले मेडल

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। रांसी स्टेडियम में आयोजित विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रतियोगिता का विधिवत् समापन हो गया। समापन अवसर पर मुख्य अतिथि...

सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने को प्रशासन सख्त, 15 दिन में सम्पत्ति पंजिका बनाने के निर्देशरुद्रपुर जिले में सरकारी भूमि एवं परिसम्पत्तियों से अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय की अध्यक्षता में जिला सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के समस्त विभागीय अधिकारियों को अपनी-अपनी विभागीय भूमि एवं परिसम्पत्तियों का पूर्ण विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों द्वारा अब तक सम्पत्ति पंजिका तैयार नहीं की गई है, वे 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से इसे तैयार करें। साथ ही विभागीय परिसम्पत्तियों की जीआईएस मैपिंग कर निर्धारित एप पर पोलीगन तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। जिन विभागों ने पोलीगन तैयार कर लिए हैं, उन्हें समय-समय पर अपडेट करते रहने को कहा गया।उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन विभागीय परिसम्पत्तियों पर अतिक्रमण पाया गया है, उन्हें तत्काल हटाकर ‘अतिक्रमण मुक्त’ प्रमाण पत्र जारी किया जाए। इसके साथ ही सभी उप जिलाधिकारियों को एक माह के भीतर विभागवार भूमि का परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।अपर जिलाधिकारी ने कहा कि विभागीय परिसम्पत्तियों का बेहतर प्रबंधन और उनका प्रभावी उपयोग अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि एवं संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नैनीताल निवासी सिद्धार्थ साह ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में ली शपथ

नैनीताल सरोवर नगरी नैनीताल के लिए गौरवपूर्ण क्षण में नैनीताल निवासी सिद्धार्थ साह ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश...

“बेटी के न्याय की आस में फिर मुख्यमंत्री से मिले अंकिता के माता-पिता, भावुक मुलाकात में छलका दर्द”देहरादून।अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर घटनाक्रम ने भावनात्मक मोड़ ले लिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी और माता सोनी देवी ने मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात की। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं, बल्कि एक पिता-मां के टूटे दिल का दर्द और बेटी के लिए न्याय की पुकार थी।करीब एक घंटे तक चली इस संवेदनशील मुलाकात के दौरान अंकिता के माता-पिता भावुक हो गए। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी बेटी की निर्मम हत्या से जुड़ा दर्द, पीड़ा और बीते दिनों की मानसिक यातना साझा की। माता-पिता ने कहा कि वे आज भी बेटी के न्याय के इंतजार में हैं और इस संघर्ष ने उनके जीवन को अंदर तक झकझोर दिया है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे धैर्य और संवेदनशीलता के साथ पीड़ित माता-पिता की बात सुनी। उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और अंकिता को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।मुलाकात के दौरान अंकिता के माता-पिता ने एक बार फिर इस हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग दोहराई। उनका कहना था कि हाल के दिनों में इस प्रकरण को लेकर बने माहौल और चर्चाओं से वे आहत हैं और उन्हें अब भी निष्पक्ष व निष्कर्षपूर्ण जांच की उम्मीद है।सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार इस मामले में सीबीआई जांच की संभावना से पूरी तरह पीछे नहीं हटी है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि अंकिता के माता-पिता की भावनाओं और मांगों को ध्यान में रखते हुए सरकार न्यायालय के फैसलों और नई जांच की संभावनाओं पर विधिक राय लेने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री धामी पहले भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि अंकिता के माता-पिता जो चाहते हैं, सरकार उनके अनुरूप हर स्तर पर जांच कराने के लिए तैयार है। इस भावुक मुलाकात के बाद एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, और प्रदेश में न्याय की मांग ने फिर से जोर पकड़ लिया है।

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