शहीदी मेले में 30 वर्ष की उम्र पार कर चुकी महिला खिलाड़ी दिखाएंगी मैदान में दमखम

कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल।कीर्तिनगर तहसील परिसर में दशकों से लग रहे भोलू भरदारी एवं नागेंद्र सकलानी कलानी शहीदी…

समर्थ पोर्टल का संचालन पूर्ण रूप से विश्वविद्यालय करेंगे,विभागीय मंत्री डाॅ.रावत ने अधिकारियों को दिये सख्त निर्देश

देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। उच्च शिक्षा विभाग के तहत समर्थ पोर्टल का संचालन पूर्ण रूप से विश्वविद्यालय द्वारा…

भारत का सर्वश्रेष्ठ योग गुरु अवॉर्ड:योग को दिनचर्या में उतारने वाले सोहित ने देश का मान बढ़ायाप्रदीप फुटेलागदरपुर/नोएडा। किसान परिवार में जन्मे और एक छोटे से गाँव देवलटी से निकलकर पूरे देश में योग की अलख जगाने वाले वरिष्ठ योग गुरु सोहित योगी को भारत का सर्वश्रेष्ठ योग गुरु अवॉर्ड मिला है। योग,ध्यान और प्राकृतिक जीवनशैली को आम लोगों के जीवन में लाने के उनके प्रयासों ने,न सिर्फ हजारों परिवारों को लाभ पहुँचाया, बल्कि उत्तर प्रदेश का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। सोहित की यात्रा सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धियों की कहानी नहीं है, बल्कि यह योग को जीवन की पद्धति और विचार के रूप में स्थापित करने का प्रयास है।सोहित योगी बचपन से ही अध्यात्म,ध्यान और प्राणायाम की साधना से जुड़ गए थे। वे गुरु-शिष्य परंपरा में दीक्षित हुए और योग के पारंपरिक स्वरूप को आधुनिक जीवनशैली से जोड़ने का संकल्प लिया। अष्टांग योग,हठ योग,सूक्ष्म ध्यान,मंत्र साधना,योग निद्रा,प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद के सिद्धांतों को उन्होंने अपने जीवन में आत्मसात किया। उनका कहना है, “योग सिर्फ शरीर का व्यायाम नहीं,बल्कि आत्म-ज्ञान का मार्ग है। इसे जीवन का आधार बनाना चाहिए।”सोहित योगी ने शुरुआती दिनों में कई संघर्ष झेले। आर्थिक चुनौतियाँ,संसाधनों की कमी और लोगों में योग को लेकर जागरूकता का अभाव— इन सबसे गुजरते हुए उन्होंने छोटे-छोटे योग शिविरों से शुरुआत की। वे बताते हैं कि शुरुआत में गाँव-गाँव जाकर लोगों को मुफ्त में योग सिखाने का काम किया। कई बार उन्हें संदेह,आलोचना और मज़ाक का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उनका विश्वास अटल रहा। धीरे-धीरे लोगों को उनके कार्य का परिणाम दिखने लगा और वह योग को स्वास्थ्य,संतुलन और मन की शांति का साधन मानने लगे।आज देश-विदेश में उनके योग शिविर लगाए जाते हैं। बड़ी कंपनियों,कॉलेजों,स्कूलों, वृद्धाश्रमों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी वे नियमित कार्यक्रम करते हैं। वर्तमान समय में तनाव,अवसाद,अनिद्रा,नशा, मोटापा, हृदय रोग व मानसिक असंतुलन जैसी समस्याएँ हर घर में देखने को मिल रही हैं। सोहित कहते हैं, “अगर रोज़ 20 मिनट ध्यान और प्राणायाम कर लिया जाए तो 80% तनाव और बीमारियाँ खुद ही दूर हो जाती हैं। दवाइयों से ज़्यादा ज़रूरी है स्वस्थ जीवन की आदतें।”सोहित योगी की कार्यशैली खास बात यह है कि वे योग को सिर्फ सिखाते नहीं,बल्कि लोगों को योग के दर्शन से भी जोड़ते हैं। उनके शिविरों में जाने वाले लोग बताते हैं कि शरीर के साथ-साथ मन और व्यवहार में भी परिवर्तन आता है। कई परिवार नशा-मुक्त हुए, कई विद्यार्थियों का एकाग्रता स्तर बढ़ा और बहुत से लोग आयुर्वेदिक जीवनशैली को अपनाने लगे। वे सात्विक भोजन,सूर्य नमस्कार, श्वास-प्रश्वास तकनीक,ध्यान मंत्र और मौन साधना पर विशेष जोर देते हैं।…………………

योग गुरु सोहित की उपलब्धियाँ भी उल्लेखनीय हैं।उन्हें वर्ष 2024 में भारत का सर्वश्रेष्ठ योग गुरु…

अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर रुद्रपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

रुद्रपुर। 10 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार रक्षक शाखा रुद्रपुर की…

साह का सक्रिय संपर्क अभियान जारी बार काउंसिल चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं से बढ़ाया संपर्क।

कहा उनका चुनावी अभियान अधिवक्ता हितों को प्राथमिकता देने वाला। नैनीताल। उत्तराखंड बार काउंसिल चुनाव को…

14 दिसंबर की वोट चोर गद्दी छोड़ रैली में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता करेंगे सहभागिता

गदरपुर । कांग्रेसियों ने 14 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली वोट चोर…

350 वें गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस पर रेड रोज कान्वेंट स्कूल में शबद कीर्तन एवं गोष्ठी का आयोजनगदरपुर । नगर के प्रतिष्ठित रेड रोज कान्वेंट स्कूल में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350 वें शहीदी शताब्दी को समर्पित गोष्ठी का भारत विकास परिषद द्वारा आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ रेड रोज कान्वेंट स्कूल के डायरेक्टर नैब सिंह धालीवाल के निर्देश पर बच्चों द्वारा गुरबाणी कीर्तन करके किया गया । गोष्ठी में सिख मिशनरी कॉलेज लुधियाना की गदरपुर इकाई के इंचार्ज देवेंद्र सिंघ द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन एवं शहीदी पर प्रकाश डाला गया । उन्होंने कहा, गुरु तेग बहादुर जी ने मानवता की खातिर अपना बलिदान देकर देश धर्म और सनातन धर्म की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होने का आहवान किया उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षा के अनुसार, किसी को डर देना भी नहीं है किसी से डरना भी नहीं है । नेक कार्य करने के लिए स्वयं को समर्पित कर देना चाहिए । उन्होंने भाई मतिदास, भाई सती दास, भाई दयाला जी की शहीदी पर भी जानकारियां प्रदान की । वहीं कार्यक्रम के समापन पर स. नैब सिंह धालीवाल ने सभी वक्ताओं का धन्यवाद करने के साथ बच्चों को गुरु तेग बहादुर जी के आदर्शों पर चलने एवं देश धर्म की खातिर शहीद होने वाले अन्य शहीदों की जीवन गाथा का भी ज्ञान प्राप्त करने का आहवान किया । इस दौरान भारत विकास परिषद के अध्यक्ष राजीव ग्रोवर सचिव डॉ सोनू विश्वास, कोषाध्यक्ष डॉ. विनीत अरोड़ा, एवं महिला सहभागिता श्रीमती अंजू भुड्डी जी द्वारा रेड रोड कन्वेंट स्कूल के डायरेक्टर नैब सिंह धालीवाल और देवेंद्र सिंघ को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया । इस दौरान स्कूल के सभी स्टाफ एवं बच्चों ने ‘बोले सो निहाल,सत श्री अकाल’ के जैकारे बोलकर गुरु तेग बहादुर जी एवं अन्य शहीदों को नमन किया ।

विधायक शिव अरोरा ने एनएच 87 से अटरिया मन्दिर होते हुऐ सिडकुल ढाल क़ो जाने वाले 4 किलोमीटर लम्बे मार्ग का किया लोकार्पण16 वर्षो से जर्जर हाल मे था मार्ग हजारों लोगो क़ो मिलेगा मार्ग निर्माण का लाभ

रुद्रपुर। विधायक शिव अरोरा ने 16 वर्षो से जर्जर हाल मे एनएच 87 से अटरिया मंदिर…

टीएमयू मेडिकल प्रीमियर लीग का शंखनाद

टीएमयू एयरवे अवेंजर्स और टीएमयू टोरेंडो के बीच 15 ओवर के मैच में अवेंजर्स टीम पांच…

डॉक्टर प्यारेलाल के प्रथम स्मृति दिवस पर श्रद्धांजलि व वैचारिक कार्यक्रमस्मारिका व पुस्तक का लोकार्पण और…