श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र में आज नशा मुक्त भारत अभियान विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और शिक्षार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना एवं समाज में नशामुक्ति का संदेश देना रहा। कार्यक्रम के मुख्यवक्ता प्रो.एम.एम.सेमवाल,समन्वयक, डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र ने अपने प्रेरक संबोधन में नशे के सामाजिक,मानसिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का नहीं,बल्कि पूरे परिवार और समाज का पतन करता है। युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में लगाना चाहिए। नशामुक्त समाज ही सशक्त और प्रगतिशील भारत की नींव रख सकता है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने आस-पास के समुदाय में नशा उन्मूलन के लिए अग्रसर हों और इस दिशा में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। कार्यक्रम का संचालन डॉ.आशीष बहुगुणा ने किया। उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान की रूपरेखा और उसके उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं,बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है,जिसमें हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। इस अवसर पर डॉ.प्रकाश कुमार सिंह विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के प्राध्यापकगण,शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उपस्थित प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया और यह दृढ़ निश्चय किया कि वे अपने जीवन में नशे से दूर रहकर दूसरों को भी इस दिशा में प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में स्वस्थ भारत-समृद्ध भारत के नारे के साथ नशा मुक्ति की शपथ ली।








