कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर टिहरी गढ़वाल में आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा,टिहरी गढ़वाल के तत्वावधान में विकासखंड कीर्तिनगर के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई,जिसमें आगामी विधानसभा सत्र के दौरान प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम को लेकर रणनीति तय की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राजीव उनियाल ने की। उन्होंने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी की 1 फरवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.पी.सिंह रावत के नेतृत्व में हुई बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप अब आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाने की तैयारी की जा रही है। उद्देश्य स्पष्ट है पुरानी पेंशन बहाली की आवाज को राष्ट्रव्यापी जनांदोलन का स्वरूप देना। बैठक में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। मोर्चा के ब्लॉक अध्यक्ष संदीप मैठानी ने कहा कि नई पेंशन योजना कर्मचारियों के भविष्य के लिए असुरक्षित है और इससे सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक स्थिरता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों का अधिकार है और इसे बहाल कराने के लिए एकजुट संघर्ष ही एकमात्र विकल्प है। ब्लॉक मंत्री सुरजीत सिंह ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र के दौरान प्रस्तावित घेराव कार्यक्रम सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए पूरी ताकत और अनुशासन के साथ आयोजित किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक प्रदर्शन नहीं,बल्कि अधिकारों की निर्णायक लड़ाई होगी। जिला अध्यक्ष राजीव उनियाल ने अपने संबोधन में सभी विभागों के कर्मचारियों,शिक्षकों और संगठन से जुड़े साथियों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूती देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र की तिथि घोषित होते ही व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा और प्रत्येक ब्लॉक में लगातार बैठकें आयोजित कर रणनीति को धार दी जाएगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि आंदोलन को केवल कर्मचारियों तक सीमित न रखकर इसे जनसरोकार का विषय बनाया जाएगा। देवप्रयाग महासचिव विजय आर्य ने कहा कि मीडिया और सामाजिक मंचों के माध्यम से व्यापक जनसमर्थन जुटाया जाएगा,ताकि विधानसभा घेराव ऐतिहासिक रूप ले सके। ब्लॉक देवप्रयाग वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक मियां ने आंदोलन को निर्णायक बनाने के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं ब्लॉक अध्यक्ष (प्राथमिक) धर्मेंद्र रावत ने शिक्षकों और कर्मचारियों से सामाजिक कार्यक्रमों में भी पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया। मातृशक्ति की ओर से बबीता रावत ने महिलाओं से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि परिवार की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा यह विषय समाज के हर वर्ग का विषय है। बैठक में विभिन्न विभागों के कर्मचारी प्रतिनिधि,मोर्चा पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से गब्बर सिंह चौहान,जगमोहन उमरियाल,निर्मला रोहिणी,विजय रावत,सोहन सिंह रावत,प्रीति कठैत,प्रीति बलोनी, हेमलता उमरियाल,नरेंद्र सलेरा,बीना कठैत,राजेंद्र कैंतुरा,महावीर पालीवाल,केंद्र सिंह,अनिल भट्ट,आदित्य कठैत,अमनदीप,विक्रम भारती,अनुराधा प्रेमी,रमेश बर्थवाल,राकेश बरमाल सहित अनेक कर्मचारी साथी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि पुरानी पेंशन बहाली तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा और आगामी विधानसभा घेराव कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाया जाएगा। टिहरी गढ़वाल से उठी यह आवाज अब प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन का संकेत दे रही है। आने वाले दिनों में पुरानी पेंशन बहाली का यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में और अधिक गर्माता नजर आ सकता है।








