शोक की घड़ी में कपूर परिवार का प्रेरक निर्णय, श्रीमती चंपा कपूर जी की स्मृति से जुड़ेगा दृष्टि का उजाला।

 

 

वसुधैव कुटुम्बकम्, काशीपुर के सेवा अभियान में 65वाँ नेत्रदान संपन्न

 

काशीपुर। किसी अपने को खोने की पीड़ा के बीच दूसरों का जीवन सँवारने का निर्णय लेना मानवीय संवेदनाओं का अनुपम उदाहरण है। ब्रह्मलीन श्रीमती चंपा कपूर जी के परिजनों ने उनके मरणोपरांत नेत्रदान की सहमति देकर ऐसा ही प्रेरणादायी कार्य किया है।

 

स्वर्गीय श्रीमती चंपा कपूर जी के पुत्रगण श्री राजीव कपूर जी, श्री संजीव कपूर जी,श्री नीरज कपूर जी एवं उनकी पुत्रवधु श्रीमती वसुधा कपूर जी ने इस पुनीत कार्य के लिए सहमति प्रदान की। परिवार के इस संवेदनशील निर्णय से दो लोगों को दृष्टि मिल सकेगी। साथ ही समाज को यह संदेश मिला है कि दिवंगत प्रियजन की स्मृति को मानव सेवा के माध्यम से अमर किया जा सकता है।

 

इस सेवाकार्य को संपन्न कराने में समाजसेवी राजकुमार सेठी जी का विशेष योगदान रहा। उन्होंने नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि समय पर मिली सही जानकारी और परिवार की सहमति किसी जरूरतमंद के लिए नई उम्मीद बन सकती है। ऐसे कार्यों में समाज के प्रत्येक जागरूक व्यक्ति का सहयोग महत्त्वपूर्ण है।

 

संस्था के संस्थापक सदस्य सचिन अग्रवाल जी ने बताया कि वसुधैव कुटुम्बकम् काशीपुर का प्रयास नेत्रदान संपन्न कराने के साथ-साथ इसके प्रति लोगों की झिझक और भ्रांतियाँ दूर करना भी है। संस्था परिवारों तक सही जानकारी पहुँचाने और आवश्यकता पड़ने पर नेत्रदान सहायता से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

 

संस्था के पदाधिकारियों ने कपूर परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि दुःख के कठिन क्षणों में लिया गया उनका निर्णय समाज के लिए प्रेरणा है। किन्हीं अनजान व्यक्ति के जीवन में उजाला लाने की यह भावना सेवा और करुणा के प्रति परिवार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

 

संस्था के संरक्षक श्री योगेश जिंदल जी, अध्यक्ष विकास जैन जी, सचिव प्रियांशु बंसल जी, कोषाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल जी, संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल जी, दीपक मित्तल जी, आशीष गुप्ता जी, अनुज सिंघल जी, अंकुर मित्तल जी, आशीष पैगिया जी एवं सीए सचिन अग्रवाल जी ने ब्रह्मलीन श्रीमती चंपा कपूर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा की चिरशांति और शोक संतप्त परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

 

वसुधैव कुटुम्बकम् ने क्षेत्रवासियों से आग्रह किया कि वे नेत्रदान के विषय में अपने परिवार में खुलकर चर्चा करें और दूसरों को भी जागरूक बनाएँ। मरणोपरांत नेत्रदान के संबंध में जानकारी एवं सहायता के लिए संस्था की टीम से संपर्क किया जा सकता है।

 

नेत्रदान सहायता—24×7

9837080678 | 9548799947