मसूरी में तंबाकू की दुकानों पर कसेगा शिकंजा, लाइसेंस के बिना बिक्री पर लग सकती है रोक

 

मसूरी नगर पालिका तैयार कर रही नियमावली, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान रोकने के लिए भी सख्ती की तैयारी; जागरूकता के साथ कार्रवाई पर जोर’’

 

पर्यटन नगरी मसूरी में तंबाकू उत्पादों की बिक्री को नियंत्रित करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए नगर पालिका नई व्यवस्था की तैयारी कर रही है। तंबाकू की दुकानों को लाइसेंस व्यवस्था के दायरे में लाने के साथ सार्वजनिक स्थानों पर धूमपान से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए शुक्रवार को नगर पालिका परिषद में तंबाकू विक्रेता लाइसेंसिंग (टीवीएल) और तंबाकू नियंत्रण पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस पहल का अहम पहलू यह है कि तंबाकू नियंत्रण को केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी मानने के बजाय स्थानीय निकाय, विक्रेताओं और अन्य संबंधित पक्षों की साझा जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। नगर पालिका का प्रयास है कि बिक्री से जुड़े नियम स्पष्ट हों, विक्रेताओं को उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी मिले और कानून का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जा सके।

लाइसेंस व्यवस्था से बिक्री पर निगरानी की तैयारी’’

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि जिलाधिकारी देहरादून के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और संबंधित हितधारकों के साथ बैठक की गई है। तंबाकू विक्रेता लाइसेंसिंग और बिक्री को नियंत्रित करने के लिए नियमावली तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों को देखते हुए लोगों को जागरूक करना जरूरी है। नगर पालिका स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर प्रचार-प्रसार करेगी। नियमावली तैयार होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सार्वजनिक स्थानों पर धूमपान रोकना भी चुनौती

तंबाकू नियंत्रण के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूमपान रोकना भी महत्वपूर्ण है। गौरव भसीन के अनुसार, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा), 2003 में सार्वजनिक स्थानों पर धूमपान पर रोक सहित कई प्रावधान हैं, लेकिन इनके प्रभावी पालन के लिए प्रवर्तन व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। मसूरी में बड़ी संख्या में पर्यटकों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सार्वजनिक स्थलों पर नियमों का पालन सुनिश्चित करना और लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। कार्यशाला में जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की प्रतिनिधि अर्चना उनियाल तथा बालाजी सेवा संस्थान के अवधेश कुमार और ममता थापा ने तंबाकू नियंत्रण कानूनों, लाइसेंस व्यवस्था और विभागों के बीच समन्वय पर चर्चा की। राज्य सरकार की ओर से गुटखा, खैनी सहित कुछ तंबाकू उत्पादों पर एक वर्ष के प्रतिबंध का विषय भी कार्यशाला में उठाया गया। संबंधित उत्पादों और प्रतिबंध की लागू शर्तों के संबंध में सरकारी आदेश के अनुरूप ही कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल नगर पालिका की नियमावली तैयार होने और उसके लागू होने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि लाइसेंस किन विक्रेताओं के लिए अनिवार्य होगा और नियमों के उल्लंघन पर किस तरह की कार्रवाई की जाएगी।इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी, जसबीर कौर, पवन थलवाल, अनिल गोयल, रजत अग्रवाल, मोहन पेटवाल, संजय अग्रवाल, एसआई छत्रपाल सिंह, डा. आशीष सवाय सहित कई लोग मौजूद थे।