। सितारगंज स्थित केंद्रीय कारागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायाधीश ममता पंत की मौजूदगी में बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य, जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रतिनिधि, सुरेश विश्वकर्मा समन्वयक और चिकित्सक डॉक्टर सचिन भी मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान ममता पंत ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि जेल की चारदीवारी के भीतर रहने वाले व्यक्तियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने बंदियों को मानसिक रूप से मजबूत रहने,व सकारात्मक सोच अपनाने, और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और अनुशासित जीवनशैली बनाए रखने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए दोनों का ध्यान रखना जरूरी है।इस अवसर पर केंद्रीय कारागार के जेलर पी एल आर्य ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ममता पंत ने बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके जीवन को बेहतर बनाने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को अपने व्यवहार, दिनचर्या और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा के समन्वयक सुरेश विश्वकर्मा ने बताया कि आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) के माध्यम से लोगों को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाता है। उन्होंने प्रशिक्षण, कौशल विकास और व्यक्तित्व को बेहतर बनाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला। इस मौके पर सितारगंज केंद्रीय कारागार के जेलर पी एल आर्य डॉक्टर सचिन पी एल बी नीतू , मनोज, कुमार, विनीता धामी,रूपा जाटव, निर्मल गहतोड़ी, मुकेश चंद, जीवन राणा आदि उपस्थित रहे