मसूरी में खबर का असर, दिल में छेद और लकवे से पीड़ित महिला को मिलेगा इलाज पहाड़ों की रानी मसूरी में एक जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए प्रकाषित खबर का असर देखने को मिला है। मसूरी पंप हाउस के पास बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे ओंकार और उनकी पत्नी की मदद के लिए युवाओं और सामाजिक संगठनों ने हाथ बढ़ाया। दिल में छेद और लकवे से पीड़ित ओंकार की पत्नी को बेहतर उपचार के लिए जॉलीग्रांट स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट भेजा गया है, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।ओंकार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण पत्नी के इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। वही ओंकार के पास आधार कार्ड हे ना ही आयुषमान कार्ड व बीमारी के साथ आर्थिक तंगी ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं। ऐसे में इस परिवार की परेशानी को प्रमुखता से सामने लाया गया। खबर सामने आने के बाद मसूरी के युवा साथियों और सामाजिक कार्यो से जुड़े लोगों ने परिवार की मदद के लिए आगे बढ़कर सहयोग किया।युवाओं ने दिखाई मानवतामदद की इस मुहिम में युवा साथी अनिल सिंह अन्नू, दीपक बंसवाल, नितिन भंडारी, मोहन षाही, मनन षाही, आषीश राणा, अखिलेष रावत और आदर्श भंडारी समेत अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। युवाओं ने दोनो बिमार लोगो को कुर्सियों के सहारे से एम्बुलेंस तक पहुचाया ओर कहा कि आज के दौर में भी मानवता को सबसे ऊपर रखते हुए जरूरतमंद परिवारों की मदद करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ओंकार की पत्नी की हालत को देखते हुए तत्काल उपचार की जरूरत थी। ऐसे में सभी के छोटे-छोटे सहयोग ने परिवार के लिए बड़ी उम्मीद पैदा की है। महिला को उपचार के लिए जौलीग्रांट स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट पहुंचाया गया, जहां संस्थान की ओर से इलाज किए जाने में विशेष सहयोग मिला।परिवार की मदद में हिमालयन इंस्टीट्यूट की ओर से विशेष सहयोग बताया गया है। उनकी पहल और सहयोग से ओंकार की पत्नी का इलाज शुरू हो सका। इससे लंबे समय से बीमारी और आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार को बड़ी राहत मिली है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद ओंकार और उनके परिवार में अब उम्मीद जगी है। ओंकार ने कहा कि जिस समय उन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत थी, उस समय समाज के लोग उनके साथ खड़े हुए। उन्होंने विशेष आभार जताते हुए कहा कि खबर के माध्यम से उनकी परेशानी सामने आई और इसके बाद मदद के लिए कई हाथ आगे आए।अब परिवार को बचाने की उम्मीद जगीओंकार और उनकी पत्नी ने सभी मददगारों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और हिमालयन इंस्टीट्यूट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि बीमारी और आर्थिक परेशानी के बीच उन्हें लगने लगा था कि शायद इलाज संभव नहीं हो पाएगा, लेकिन लोगों के सहयोग से अब परिवार को नई उम्मीद मिली है।युवाओं ने कहा कि किसी जरूरतमंद के घर के सामने खड़े होकर उसकी परेशानी को तमाशे की तरह देखना समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि आसपास कोई गरीब या जरूरतमंद परिवार संकट में है तो उसकी मदद के लिए आगे आएं।पड़ोसियों से भी मदद की अपीलमदद की मुहिम में शामिल युवाओं ने कहा कि समाज में रहने वाले लोगों की जिम्मेदारी केवल अपने घर तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आसपास कोई परिवार गंभीर संकट में है तो पड़ोसियों को भी उसकी मदद करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि ओंकार के परिवार की मदद के लिए जो भी संभव हो, सहयोग करें, ताकि उपचार के दौरान परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। युवाओं ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे जरूरतमंद और पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जब कोई परिवार संकट में हो, तब भी उसके साथ खड़ा होना जरूरी है। उनका कहना था कि मीडिया के माध्यम से जब किसी जरूरतमंद की आवाज सामने आती है तो समाज के साथ-साथ शासन-प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं का भी ध्यान उस परिवार की ओर जाता है। ओंकार के परिवार के लिए शुरू हुई यह मुहिम अब उपचार की उम्मीद में बदल चुकी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए समाज के लोगों का सहयोग और हिमालयन इंस्टीट्यूट की ओर से निशुल्क इलाज की पहल मानवता की मिसाल बनकर सामने आई है। अब परिवार की उम्मीदें महिला के बेहतर स्वास्थ्य और जल्द घर लौटने पर टिकी हैं।
मसूरी में खबर का असर, दिल में छेद और लकवे से पीड़ित महिला को मिलेगा इलाज पहाड़ों की रानी मसूरी में एक जरूरतमंद परिवार की मदद के लिए प्रकाषित खबर का असर देखने को मिला है। मसूरी पंप हाउस के पास बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे ओंकार और उनकी पत्नी की मदद के लिए युवाओं और सामाजिक संगठनों ने हाथ बढ़ाया। दिल में छेद और लकवे से पीड़ित ओंकार की पत्नी को बेहतर उपचार के लिए जॉलीग्रांट स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट भेजा गया है, जहां उनका इलाज कराया जा रहा है।ओंकार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण पत्नी के इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। वही ओंकार के पास आधार कार्ड हे ना ही आयुषमान कार्ड व बीमारी के साथ आर्थिक तंगी ने परिवार की मुश्किलें और बढ़ा दी थीं। ऐसे में इस परिवार की परेशानी को प्रमुखता से सामने लाया गया। खबर सामने आने के बाद मसूरी के युवा साथियों और सामाजिक कार्यो से जुड़े लोगों ने परिवार की मदद के लिए आगे बढ़कर सहयोग किया।युवाओं ने दिखाई मानवतामदद की इस मुहिम में युवा साथी अनिल सिंह अन्नू, दीपक बंसवाल, नितिन भंडारी, मोहन षाही, मनन षाही, आषीश राणा, अखिलेष रावत और आदर्श भंडारी समेत अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। युवाओं ने दोनो बिमार लोगो को कुर्सियों के सहारे से एम्बुलेंस तक पहुचाया ओर कहा कि आज के दौर में भी मानवता को सबसे ऊपर रखते हुए जरूरतमंद परिवारों की मदद करना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ओंकार की पत्नी की हालत को देखते हुए तत्काल उपचार की जरूरत थी। ऐसे में सभी के छोटे-छोटे सहयोग ने परिवार के लिए बड़ी उम्मीद पैदा की है। महिला को उपचार के लिए जौलीग्रांट स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट पहुंचाया गया, जहां संस्थान की ओर से इलाज किए जाने में विशेष सहयोग मिला।परिवार की मदद में हिमालयन इंस्टीट्यूट की ओर से विशेष सहयोग बताया गया है। उनकी पहल और सहयोग से ओंकार की पत्नी का इलाज शुरू हो सका। इससे लंबे समय से बीमारी और आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार को बड़ी राहत मिली है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद ओंकार और उनके परिवार में अब उम्मीद जगी है। ओंकार ने कहा कि जिस समय उन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत थी, उस समय समाज के लोग उनके साथ खड़े हुए। उन्होंने विशेष आभार जताते हुए कहा कि खबर के माध्यम से उनकी परेशानी सामने आई और इसके बाद मदद के लिए कई हाथ आगे आए।अब परिवार को बचाने की उम्मीद जगीओंकार और उनकी पत्नी ने सभी मददगारों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और हिमालयन इंस्टीट्यूट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि बीमारी और आर्थिक परेशानी के बीच उन्हें लगने लगा था कि शायद इलाज संभव नहीं हो पाएगा, लेकिन लोगों के सहयोग से अब परिवार को नई उम्मीद मिली है।युवाओं ने कहा कि किसी जरूरतमंद के घर के सामने खड़े होकर उसकी परेशानी को तमाशे की तरह देखना समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि आसपास कोई गरीब या जरूरतमंद परिवार संकट में है तो उसकी मदद के लिए आगे आएं।पड़ोसियों से भी मदद की अपीलमदद की मुहिम में शामिल युवाओं ने कहा कि समाज में रहने वाले लोगों की जिम्मेदारी केवल अपने घर तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आसपास कोई परिवार गंभीर संकट में है तो पड़ोसियों को भी उसकी मदद करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि ओंकार के परिवार की मदद के लिए जो भी संभव हो, सहयोग करें, ताकि उपचार के दौरान परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। युवाओं ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे जरूरतमंद और पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जब कोई परिवार संकट में हो, तब भी उसके साथ खड़ा होना जरूरी है। उनका कहना था कि मीडिया के माध्यम से जब किसी जरूरतमंद की आवाज सामने आती है तो समाज के साथ-साथ शासन-प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं का भी ध्यान उस परिवार की ओर जाता है। ओंकार के परिवार के लिए शुरू हुई यह मुहिम अब उपचार की उम्मीद में बदल चुकी है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए समाज के लोगों का सहयोग और हिमालयन इंस्टीट्यूट की ओर से निशुल्क इलाज की पहल मानवता की मिसाल बनकर सामने आई है। अब परिवार की उम्मीदें महिला के बेहतर स्वास्थ्य और जल्द घर लौटने पर टिकी हैं।