पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत उत्तरा केयर हॉस्पिटल में नेत्र रोग बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) का सफल संचालन निरंतर जारी है। 14 फरवरी 2026 से प्रारंभ हुई इस सुविधा ने अल्प समय में ही क्षेत्रीय लोगों के बीच भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा के रूप में अपनी पहचान बना ली है। इसी क्रम में शनिवार 11 अप्रैल 2026 को विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति में तीसरा परामर्श दिवस आयोजित किया गया,जिसमें बड़ी संख्या में मरीजों ने लाभ उठाया। अस्पताल प्रबंधक डॉ.मनोज गोविल के अनुसार प्रातः 9.30 बजे से अपराह्न 3.00 बजे तक चले इस विशेष ओपीडी सत्र में 45 से अधिक मरीजों का पंजीकरण किया गया। सभी मरीजों को अनुभवी नेत्र विशेषज्ञों द्वारा जांच कर उचित परामर्श,उपचार एवं आवश्यक औषधियां उपलब्ध कराई गई। विशेष बात यह रही कि जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क नेत्र बूंदें एवं चश्मे भी वितरित किए गए,जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिली। यह सेवा विवेकानंद नेत्रालय के सहयोग से संचालित की जा रही है,जिसके अंतर्गत प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार को विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं। इस अवसर पर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.स्वाति महाजन एवं नेत्र परीक्षण विशेषज्ञ प्रियंशा पाल अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे और उन्होंने मरीजों की सूक्ष्म जांच कर उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन दिया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार ईशा फाउंडेशन की इस पहल से न केवल श्रीनगर बल्कि पौड़ी जनपद के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी विशेष लाभ मिल रहा है। अब नेत्र संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए लोगों को बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ रहा है,जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है। वर्तमान में अस्पताल में ईसीजी (हृदय जांच),सामान्य रक्त जांच,एक्स-रे तथा आवश्यक औषधियों की सुविधा उपलब्ध है। प्रबंधन ने जानकारी दी कि निकट भविष्य में अल्ट्रासाउंड सेवा भी प्रारंभ की जाएगी,जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक व्यापक होंगी। डॉ.मनोज गोविल ने यह भी बताया कि आगामी दो वर्षों में पौड़ी में 100 शैय्या वाला आधुनिक अस्पताल स्थापित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने पर स्थानीय नागरिकों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेंगी। इस सेवा के सफल संचालन में डॉ.वी.एस.टोलिया,कमलाकांत काला,अतुल जोशी,डॉ.आर.एस.चौहान सहित समूची टीम की सक्रिय भूमिका रही। उत्तरा केयर हॉस्पिटल की यह पहल जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है,जो खासतौर पर ग्रामीण और जरूरतमंद मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है।






