श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर के श्रीकोट क्षेत्र में आयोजित भव्य होली मिलन समारोह ने इस बार सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक उल्लास की नई मिसाल पेश की। रंगों के इस उत्सव में क्षेत्रवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनिल बलूनी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आयाम प्रदान किया। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक,जनप्रतिनिधि,सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं,बल्कि दिलों को जोड़ने का अवसर भी है। सांसद अनिल बलूनी ने उपस्थित जनसमूह को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपराओं का प्रतीक है। यह पर्व समाज में प्रेम,भाईचारा और आपसी सौहार्द को सुदृढ़ करने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ते हैं तथा समाज को एक सूत्र में पिरोने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने क्षेत्र की एकजुटता और सहभागिता की सराहना करते हुए इसे सकारात्मक सामाजिक ऊर्जा का प्रतीक बताया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि यहां पारंपरिक गुलाल के साथ-साथ फूलों से होली खेली गई। वातावरण में उड़ते पुष्पों की सुगंध और रंगों की छटा ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आभा से भर दिया। लोगों ने एक-दूसरे को फूल अर्पित कर प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। प्रिया ठक्कर और पंडित अणथ्वाल ने अपने मधुर होली गीतों से माहौल को पूरी तरह होलीमय बना दिया। पारंपरिक फाग और लोकधुनों पर उपस्थित जनसमूह झूम उठा। तालियों की गूंज और हंसी-ठिठोली के बीच पूरा श्रीकोट क्षेत्र उत्सवधर्मी रंग में रंगा नजर आया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र में आपसी सद्भाव,सहयोग और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया। स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं और सामूहिक सहभागिता की भावना को बढ़ाते हैं। समग्र रूप से श्रीकोट का यह होली मिलन समारोह केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं,बल्कि सामाजिक एकजुटता,पारंपरिक गौरव और सामुदायिक सद्भाव का सशक्त संदेश बनकर उभरा जहां रंगों के साथ रिश्तों की मिठास भी घुलती नजर आई।








