तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद से टिमिट कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन के स्टुडेंट अनुभव गुप्ता को यूनिवर्सिटी की ओर से पीएचडी की डिग्री अवार्ड की गई है। गुप्ता ने अनाथ बच्चों की मनोवैज्ञानिक स्थिति पर योग एवम् मनोरंजक गतिविधियों का प्रभाव शीर्षक पर शोध किया है। गुप्ता ने यह शोध टिमिट कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन के प्राचार्य प्रो. मनु मिश्रा के मार्गदर्शन में किया है। उल्लेखनीय है, प्रो. मिश्रा के निर्देशन में अब तक सात पीएचडी हो चुकी हैं। पीएचडी अवार्डी गुप्ता के पिता श्री प्रदीप गुप्ता टीएमयू के एनिमेशन विभाग में 14 बरसों से बतौर टीचर तैनात हैं। बहुप्रतिभा के धनी श्री गुप्ता की झोली में अब तक छह इंडियन पेटेंट भी आ चुके हैं, जबकि अनुभव गुप्ता शहर के एक सीबीएसई स्कूल में बतौर प्रवक्ता तैनात हैं। गुप्ता ने बीपीएड और एमपीएड भी तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी से किया है।
उल्लेखनीय है, गुप्ता ने दो टूल्स- इमोशनल इंटेलिजेंस स्केल और एंजाइटी, डिप्रेशन और स्ट्रेस स्केल के जरिए मुरादाबाद शहर के 60 अनाथ बच्चों पर रिसर्च किया है। शोध अध्ययन में पाया गया, यदि इन अनाथ बच्चों को योग और मनोरंजक संसाधन मुहैया कराएं जाएं तो इन्हें अपने अतीत से उबारा जा सकता है। और समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सकता है। पीएचडी अवार्डी गुप्ता बताते हैं, शोध के दौरान इन बच्चों के लिए योग कैंप के संग-संग मनोरंजक गतिविधियां भी कराई गईं। एक रिसर्च के मुताबिक माता-पिता के अभाव में बच्चे गंभीर मानसिक, शारीरिक और विकासात्मक जोखिमों का सामना करते हैं। शोध के आंकड़े बताते हैं, ऐसे बच्चों में 21 प्रतिशत अवसाद, 45 प्रतिशत चिंता और 23 प्रतिशत निम्न आत्मसम्मान की उच्च दर पाई जाती हैं, लेकिन इस शोध के जरिए यह प्रमाणित हुआ, योग कैंप, मनोरंजक गतिविधियां यदि नियमित रूप से हों तोे अवसाद, चिंता आदि के आंकड़ों में कमी आने की प्रबल संभावना है।








