सिक्किम/देहरादून/श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता,आध्यात्मिक आभा और शीतकालीन पर्यटन की संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करते हुए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में उत्तराखंड के पर्यटन,लोक निर्माण,सिंचाई,पंचायतीराज,ग्रामीण निर्माण,जलागम,धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री तथा मानव उत्थान सेवा समिति के संस्थापक सतपाल महाराज ने सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा पर आने का सादर निमंत्रण दिया। रविवार को लोक भवन में हुई इस सौहार्दपूर्ण भेंट के दौरान मंत्री सतपाल महाराज ने राज्यपाल को उत्तराखंड सरकार द्वारा शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु की गई तैयारियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं है,बल्कि शीत ऋतु में यहां की बर्फ से ढकी चोटियां,शांत वादियां और आध्यात्मिक वातावरण पर्यटकों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान करते हैं। महाराज ने राज्यपाल को जानकारी देते हुए बताया कि ऋषिकेश के शिवपुरी क्षेत्र में गंगा नदी पर स्थित एक पुराने पुल को पुनर्जीवित कर उस पर निर्मित “द ब्रिज होटल” एक अनूठा और आकर्षक पर्यटन स्थल बनकर उभरा है। यह होटल नदी के ऊपर स्थित होने के कारण पर्यटकों को प्रकृति,आध्यात्मिकता और शांति का विलक्षण अनुभव कराता है। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान विशेष आकर्षण का केंद्र बन रहा है, जहां से पहाड़ों और गंगा के मनोरम दृश्य एक साथ देखे जा सकते हैं। उन्होंने सिक्किम के राज्यपाल को उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा की विशेषताओं से अवगत कराते हुए बताया कि औली,केदारकंठ जैसे क्षेत्रों में हिम क्रीड़ा,पर्वत भ्रमण एवं साहसिक गतिविधियों की अपार संभावनाएं हैं। साथ ही शीतकालीन चारधाम यात्रा,जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीव भ्रमण,दरकोट और बिर्थी जलप्रपात जैसे प्राकृतिक स्थल तथा चोपता,जो “मिनी स्विट्जरलैंड” के नाम से प्रसिद्ध है,पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड की शीतकालीन यात्रा न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी,बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। इस अवसर पर उनके साथ उनके पुत्र एवं भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता सुयश रावत भी उपस्थित रहे। भेंट के दौरान दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक एवं पर्यटन संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।








