श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) उत्तराखंड के गणित विभाग द्वारा वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों के लिए डेटा-आधारित चिंतन,मॉडलिंग एवं सांख्यिकीय निष्कर्षण (GIAN–2412089) शीर्षक से पांच दिवसीय ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क्स (GIAN) पाठ्यक्रम का आज विधिवत शुभारंभ हुआ। यह प्रतिष्ठित GIAN पाठ्यक्रम भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रदान किए गए लगभग 6.6 लाख रुपए के अनुदान से 23 से 27 दिसंबर 2025 तक संचालित किया जाएगा,जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देना तथा भारतीय छात्रों और शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर की विशेषज्ञता से जोड़ना है। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो.के.के.शुक्ल निदेशक एमएएनआईटी भोपाल एवं एनआईटी उत्तराखंड रहे। समारोह में विशिष्ट अतिथि एवं विदेशी विशेषज्ञ के रूप में डॉ.अनुज मुबायी,फैकल्टी,साउथ माउंटेन कम्युनिटी कॉलेज,फीनिक्स अमेरिका तथा फेलो-इन-रेजिडेंस,इंटरकॉलेजिएट बायोमैथमेटिक्स एलायंस अमेरिका उपस्थित रहे। अपने उद्घाटन संबोधन में प्रो.के.के.शुक्ल ने गणित विभाग को इस महत्वपूर्ण एवं सम-सामयिक पाठ्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि डेटा-आधारित अनुसंधान,गणितीय मॉडलिंग और सांख्यिकीय विश्लेषण आज वैश्विक स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विदेशी विशेषज्ञ का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम संस्थान की अकादमिक प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करते हैं। विदेशी विशेषज्ञ डॉ.अनुज मुबायी ने अपने संबोधन में पाठ्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों को गणितीय मॉडलिंग,सांख्यिकीय महामारी विज्ञान,डेटा एनालिटिक्स,कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं मशीन लर्निंग जैसे आधुनिक उपकरणों से परिचित कराएगा। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में संक्रामक रोग संचरण मॉडलिंग,स्वास्थ्य भार आकलन,स्थानिक एवं सामाजिक महामारी विज्ञान,होस्ट-पैथोजन अंतःक्रियाएं,स्वास्थ्य अर्थशास्त्र एवं निर्णय-निर्माण ढांचे जैसे विषयों को शामिल किया गया है। गणित विभाग में एनआईटी उत्तराखंड की ओर से प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ.धर्मेंद्र त्रिपाठी ने पोस्ट-कोविड-19 युग में इस पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों को समझने,उनके प्रबंधन और न्यूनीकरण में डेटा,गणितीय मॉडलिंग और सांख्यिकीय निष्कर्षण की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। सह पाठ्यक्रम समन्वयक के रूप में डॉ.शशांक भातरा ने स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पाठ्यक्रम के लिए देशभर के आईआईटी,एनआईटी,केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालयों एवं निजी विश्वविद्यालयों से कुल 63 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पाठ्यक्रम ज्ञान-विनिमय अंतःविषयक सहयोग और अनुसंधान क्षमता निर्माण के लिए एक सशक्त मंच सिद्ध होगा तथा प्रतिभागियों को वैश्विक स्वास्थ्य से जुड़ी जटिल समस्याओं के समाधान हेतु डेटा-आधारित सोच अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही प्रतिभागियों को श्रीनगर गढ़वाल की प्राकृतिक सुंदरता के बीच एक समृद्ध शैक्षणिक अनुभव प्राप्त होगा। उद्घाटन समारोह के दौरान संस्थान के कुलसचिव हरि मौल आजाद,डीन योजना एवं विकास डॉ.विवेक श्रीवास्तव,गणित विभाग के डॉ.डी.बी.सिंह सहित संस्थान के अन्य संकाय सदस्य उपस्थि रहे ।








