श्रीनगर गढ़वाल। आज 31 अक्टूबर को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150 वीं जयंती उत्साह,गरिमा और राष्ट्रभक्ति के भावों के साथ मनाई गई। बिड़ला परिसर स्थित एसीएल सभागार देशभक्ति के नारों और राष्ट्रीय एकता के गीतों से गूंज उठा जब कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि के रूप में अपने प्रेरणास्पद संबोधन में कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने सरदार पटेल के विराट व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा आजादी के बाद भारत के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती थी-सैकड़ों रियासतों को एकसूत्र में पिरोना। यह कार्य किसी असाधारण साहस और दूरदर्शिता वाले नेता के ही बस का था। सरदार पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और राजनीतिक कुशलता से भारत की अखंडता को साकार किया। कुलपति ने कहा कि पटेल का जीवन इस बात का प्रतीक है कि राष्ट्र की एकता जाति,क्षेत्र या धर्म से ऊपर होती है। उन्होंने आगे कहा कि डॉ.भीमराव आंबेडकर ने संविधान सभा में जिन सामाजिक बंधनों की बात कही थी,उन्हें सरदार पटेल ने नीति और दृष्टि दोनों स्तरों पर समझा। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 को समाप्त कर पटेल के एकीकृत भारत के स्वप्न को वास्तविकता का रूप दिया है। कुलपति ने अंत में उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता,अखंडता और सुरक्षा की शपथ दिलाई,जिससे पूरा सभागार जय एकता,जय भारत के नारों से गूंज उठा। मुख्य छात्र सलाहकार एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी प्रो.एम.एम.सेमवाल ने कहा कि सरदार पटेल केवल भावनाओं के प्रतीक नहीं थे,वे संस्थाओं के स्थापत्यकार थे। उन्होंने लोकतंत्र को अनुशासन और व्यवहारिकता से जोड़ा। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर उस लौ को जलाए रखें जो सरदार पटेल ने भारत की एकता और अखंडता के लिए प्रज्वलित की थी। इस अवसर पर प्रो.सेमवाल ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध सतर्कता प्रतिज्ञा भी दिलाई। कार्यक्रम से पूर्व विश्वविद्यालय परिसर से रन फॉर यूनिटी मैराथन का आयोजन हुआ,जिसमें विश्वविद्यालय के अधिकारी,प्राध्यापक,छात्र-छात्राएं,नगर निगम श्रीनगर की मेयर आरती भण्डारी,एसडीएम नुपुर बर्मा और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। नोडल अधिकारी डॉ.राकेश नेगी ने बताया कि यह दौड़ सरदार पटेल के एक भारत,श्रेष्ठ भारत के विचार को जन-जन तक पहुंचाने का प्रतीक है। कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं ने बताया कि विश्वविद्यालय में 15 नवम्बर तक राष्ट्रीय एकता पखवाड़ा के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कुलसचिव प्रो.राकेश डोढ़ी ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कहा। ऐसे आयोजन हमारे विद्यार्थियों में देशभक्ति,संगठन और नैतिक नेतृत्व के मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो.मोहन पंवार,प्रो.मंजुला राणा,प्रो.डी.एस.नेगी,प्रो. गुड्डी बिष्ट,मुख्य नियंता प्रो.एस.सी.सती,प्रो.जे.पी.मेहता,छात्रावास अधीक्षक डॉ.एस.एस.बिष्ट सहित विभिन्न संकायों के शिक्षक,अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ.राकेश नेगी ने दक्षतापूर्वक किया। सरदार पटेल की 150 वीं जयंती केवल एक स्मृति दिवस नहीं,बल्कि राष्ट्रीय चेतना का उत्सव बनकर उभरी। विश्वविद्यालय परिवार ने उनके विचारों को कर्म में ढालने और भारत की एकता को सशक्त करने का संकल्प दोहराया।








