मकर संक्रांति पर तीर्थनगरी के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां हजारों भक्तों ने गंगा में श्रद्धा की डुबकी लगाकर पुण्य कमाया और दान-पुण्य किया, ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान से पाप धुलते हैं और पितरों को मोक्ष मिलता है, जिससे सभी घाटों पर भक्ति और उत्साह का माहौल है।
इस दौरान तमाम देव डोलिया भी अपने मठ मंदिरों से निकल कर त्रिवेणी घाट पर स्नान करती हुई नजर आई। जिससे पूरा गंगा तट भक्ति में हो गया। श्रद्धालु देव डोलियों को पूजा अर्चना करते हुए दिखाई दिए।
त्रिवेणी घाट, मुनि की रेती,स्वर्गाश्रम जैसे स्थानों पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा, जो कड़ाके की ठंड के बावजूद आस्था के साथ स्नान कर रहे थे।
मकर सक्रांति पर मान्यता है कि यह पापों का नाश करता है और मोक्ष प्रदान करता है। दान-पुण्य: स्नान के बाद लोग पूजा, जप, तप और दान-पुण्य कर रहे हैं, जिसमें कंबल और अन्न का दान प्रमुख है, जिससे पितरों को तृप्ति मिलती है।
घाटों पर जयकारों और मंत्रोच्चार से वातावरण गूंज रहा है, और भक्त परिवार के साथ आकर इस पवित्र अवसर को मना रहे हैं।
प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालु शांति और सुरक्षित रूप से स्नान कर सकें। कुल मिलाकर, मकर संक्रांति पर ऋषिकेश और अन्य पवित्र स्थानों पर आस्था, परंपरा और दान का संगम देखने को मिल रहा है, जहां लाखों लोग मोक्ष और सौभाग्य की कामना के लिए गंगा स्नान कर रहे हैं।








