105 क्षुल्लक श्री समर्पण सागर जी के उपस्थिति में दिगंबर जैन संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का विनयांजलि कार्यक्रम*
देहरादून,आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का द्वितीय समाधि दिवस विनयांजलि कार्यक्रम 60 गांधी रोड स्थित जैन धर्मशाला में जैन भवन स्थिति कीर्ति स्तम्भ पर जैन मिलन पारस देहरादून क्षेत्र संख्या 14 द्वारा उनको भावपूर्ण विनायजलि कार्यक्रम रखा गया जिसमे 1001 णमोकार मंत्र पाठ एवं 501 दीपो से अर्चना की गयी जैन मिलन पारस द्वारा किया गया ।
इस अवसर पर 105 क्षुल्लक श्री समर्पण सागर जी ने कहा कि मैं आचार्य विद्यासागर जी महाराज
को कोटि-कोटि नमन और भावपूर्ण विनयांजलिअर्पित करता हु उन्होंने भारतीय संस्कृति, अहिंसा और शिक्षा के लिए आजीवन तपस्या की। उनके बताए मार्ग—’सच्ची शिक्षा और आत्म-अनुशासन’ पर चलना ही उनके प्रति सच्ची विनयांजलि है। ‘ॐ’ के उच्चारण के साथ महासमाधि लेने वाले वे एक महान आध्यात्मिक पुरुष थे। आचार्य श्री विद्यासागर जी ने विश्व को अहिंसा, करुणा और प्राणीमात्र के प्रति प्रेम का संदेश दिया। वे त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति थे, जिन्होंने आधुनिक युग में भी प्राचीन मुनि चर्या का पालन किया।
शिक्षा व समाज के प्रणेता: उन्होंने न केवल धार्मिक, बल्कि शैक्षिक और सामाजिक उत्थान के लिए काम किया। उनके ‘मूकमाटी’ महाकाव्य ने हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। ऐसे महान संत युगों युगों तक स्मरणीय रहेंगे।
इस अवसर पर जैन मिलन पारस के अध्यक्ष अंकुर जैन, मंत्री गौरव जैन कोषाध्यक्ष हिमांशु जैन, विपिन जैन नितिन जैन अनुभव जैन, वीरेश जैन,अंकित जैन, पंकज जैन, नीरू जैन, मधु सचिन जैन, विवेक जैन, प्रतिका जैन,आयुषी जैन,जैन समाज देहरादून अध्यक्ष विनोद जैन, भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश चंद जैन, मंत्री संदीप जैन, वर्णि जैन विद्यालय अध्यक्ष मनीष जैन, मुनेन्द्र स्वरूप जैन, अमित जैन प्रवीण जैन अजय जैन , ममलेश जैन,अतुल जैन अजय जैन प्रमोद जैन सहित दिगम्बर जैन समाज देहरादून के सेकड़ो श्रद्धांलु ने उपस्थित हो अपनी भावपूर्ण विनायजलि गुरुवर के चरणों में अर्पित की।







